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इंडिया टीवी स्पीड न्यूज एजुकेशन कॉन्क्लेव: ब्रांड्स पर ज्यादा फोकस न करें, क्वालिटी एजुकेशन पर फोकस करें

 Published : Feb 27, 2025 10:05 am IST,  Updated : Feb 27, 2025 07:50 pm IST

इंडिया टीवी स्पीड न्यूज एजुकेशन कॉन्क्लेव शुरू हो चुका है। इसके पहले सेशन में अनिल कुमार, प्रिंसिपल डीपीएस आरके पुरम, अपराजिता गौतम पैरेंट एसोसिएशन प्रमुख, दिल्ली एनसीआर और डॉ उषा राम चर्चा कर रही हैं।

नई दिल्ली: इंडिया टीवी स्पीड न्यूज एजुकेशन कॉन्क्लेव शुरू हो चुका है। इसके पहले सेशन में अनिल कुमार, प्रिंसिपल डीपीएस आरके पुरम, अपराजिता गौतम पैरेंट एसोसिएशन प्रमुख, दिल्ली एनसीआर और डॉ उषा राम ने चर्चा की। डॉ उषा राम गांगुली समिति का हिस्सा थीं, जिसका गठन विनियमन के लिए किया गया था।

एक सवाल का जवाब देते हुए अनिल कुमार ने कहा कि ब्रांडेड स्टेंडर्ड की बात न करें हम बात करें मिनिम स्टेंडर्ड और मेक्सिमम अच्छे स्टेंडर्ड की।

डॉ उषा राम ने कहा कि स्कूल घर के पास होना चाहिए। ब्रांड जरूरी नहीं है। क्वालिटी बहुत जरूरी है।

अपराजिता गौतम, पेरेंट असोसिएशन हेड दिल्ली ने कहा कि बच्चों का आवाज उठाने के लिए और पेरेंट्स की आवाज बनने के लिए पेरेंट्स असोसिएशन खड़ी करनी बड़ी।

स्कूल निर्धारण को लेकर एक सवाल पर अनिल कुमार ने कहा कि आपके संस्कार और आपके फंडामेंटल्स क्लियर हैं तो आप एक न एक दिन सक्सेस हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों के प्रति किसी भी शिक्षण संस्थान में प्रेम है, तो सब कुछ बदला जा सकता है। अगर वो नहीं है तो आधारभूत बातें खत्म हैं। 

डॉ उषा राम ने कहा कि 4 एच बहुत जरूरी हैं- हेड, हार्ट, हैंड एंड हेल्थ। रटने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने जोरदेकर कहा कि कोई भी स्कूल हो आपके घर से दूर नहीं होना चाहिए। 

एडमिशन की दौड़ को लेकर एक सवाल देते हुए अनिल कुमार ने कहा कि एडमिशन की दौड़ आसानी से खत्म होने वाली दौड़ नहीं है। क्योंकि अगर एक सीट है और आवेदक 10 हैं तो दौड़ रहेगी। हां अगर 10 ऐसे इंस्टीट्यूशंस जिनमें बराबर मापदंड में हैं तो दौड़ खत्म हो जाएगी।

अपराजिता गौतम ने कहा कि कहीं न कहीं पॉलिसी मेकर्स को कुछ प्रैक्टिकल एस्पेक्ट्स भी रखने चाहिए। स्कूल का स्टेंडर्ड हो। उन्होंने कहा कि फीस स्ट्रक्चर मेटर करता है।

एडमिशन न मिलने पर कहा कि जहां आपके बच्चे को दाखिला मिलता है ले लीजिए। अगर मिल जाए तो बहुत अच्छी बात है और यदि नहीं मिलता है तो परेशान मत होइए।

अच्छे स्कूल को कैसे पहचानें, इस सवाल के जवाब में अनिल कुमार ने कहा कि पेरेंट्स क्या चाह रहे हैं, ये क्लियर होना चाहिए। किस बोपर्ड से एफिलिएटेड हैं उसका रिजल्ट देख लीजिए। साथ ही उन्होंने कहा कि कान्सेप्ट ग्रोथ एंड डेवलपमेंट का होता है कि उनका लालनपालन कैसे हो रहा है। 

दिन भर चलने वाले इस एजुकेशन कॉन्क्लेव में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मुख्य अतिथि होंगे। उनके अलावा पॉलिसी मेकर्स, शिक्षाविद, देश की टॉप यूनिवर्सिटीज के वाइस चांसलर्स, यूजीसी, एआईसीटीई, एनटीए, एनसीईआरटी, आईआईटी और आईआईएम के अधिकारी शामिल होंगे।

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