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VVPAT मशीन की 50% पर्चियों के EVM से मिलान पर मतगणना में लगेंगे 6-9 दिन: निर्वाचन आयोग

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 29, 2019 04:21 pm IST,  Updated : Mar 29, 2019 04:21 pm IST

देश के 21 राजनीतिक दलों के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की हुई है कि चुनाव आयोग मतगणना के दौरान VVPAT की 50 प्रतिशत पर्चियों को इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन की गणना से मिलाए।

Election commission of India statement in Supreme Court- India TV Hindi
Election commission of India statement in Supreme Court

नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि मतों की गिनती के दौरान वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) की 50% पर्चियों को इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (EVM) से मिलान करना पड़ा तो लोकसभा चुनावों की मतगणना में 6-9 दिन का समय लग जाएगा। चुनाव आयोग ने उच्चतम न्यायालय में शपथपत्र दायर कर यह जानकारी दी है।

देश के 21 राजनीतिक दलों के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की हुई है कि चुनाव आयोग मतगणना के दौरान VVPAT की 50 प्रतिशत पर्चियों को इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन की गणना से मिलाए।

निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि VVPAT की पर्चियों की गणना का वर्तमान तरीका सबसे अधिक उपयुक्त है। आयोग ने प्रति विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केन्द्र से अकस्मात तरीके से VVPAT की पर्चियों की गणना की प्रणाली को न्यायोचित ठहराया। आयोग ने कहा कि वह किसी भी ऐसे सुझाव पर विचार के लिये तैयार है जिससे देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराने में सुधार मदद मिलती हो। 

निर्वाचन आयोग ने शीर्ष अदालत के 25 मार्च के सवाल के उत्तर में एक हलफनामा दाखिल किया है। न्यायालय जानना चाहता था कि क्या एक विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केन्द्र से अकस्मात तरीके से लिये जाने वाले नमूना सर्वेक्षण की संख्या बढ़ाई जा सकती है? आयोग ने इस संबंध में न्यायालय में दाखिल हलफनामे में कहा कि इन याचिकाओं में आगामी चुनाव के मुद्दे उठाये गये हैं जिन पर निर्वाचन आयोग ने विचार किया, अध्ययन किया और निर्णय लिया और इसके बाद वर्तमान तरीके से आगामी चुनाव कराने के बारे में फैसला किया गया।’’ 

आयोग ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चन्द्रबाबू नायडू के नेतृत्व में 21 विपक्षी दलों के नेताओं की याचिका का जिक्र करते हुये कहा कि इसमें इस समय वर्तमान प्रणाली में बदलाव के लिये कोई वजह नहीं बताई गयी है। साथ ही आयोग ने कहा कि वर्तमान प्रणाली को आसन्न चुनाव में जारी रहने दिया जाये क्योंकि यह सबसे अधिक उपयुक्त पायी गयी है। 

निर्वाचन आयोग ने इस समय विधानसभा चुनाव के लिये एक निर्वाचन क्षेत्र से एक मतदान केन्द्र और लोकसभा चुनाव के मामले में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के एक एक मतदान केन्द्र की VVPAT पर्चियों की गणना की प्रणाली अपनायी है। याचिका दायर करने वाले विपक्षी नेता चाहते हैं कि अगले महीने होने वाले लोकसभा चुनाव में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में वोटिंग मशीनों की कम से कम 50 फीसदी VVPAT पर्चियों की गणना की जाये। 

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