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दिबाकर ने मीडिया का ध्यान खींचने के लिए पुरस्कार लौटाया: फिल्म निर्माता

 Written By: PTI
 Published : Nov 01, 2015 08:09 pm IST,  Updated : Nov 01, 2015 08:13 pm IST

नई दिल्ली: दिबाकर बनर्जी के निर्देशन में बनी पहली फिल्म 'खोसला का घोसला' की निर्माता सविता राज हीरेमथ ने इस फिल्म के लिए मिले राष्ट्रीय पुरस्कार को लौटाने वाले निर्देशक दिबाकर की आलोचना करते हुए

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"दिबाकर ने मीडिया का ध्यान खींचने के लिए पुरस्कार लौटाया"

नई दिल्ली: दिबाकर बनर्जी के निर्देशन में बनी पहली फिल्म 'खोसला का घोसला' की निर्माता सविता राज हीरेमथ ने इस फिल्म के लिए मिले राष्ट्रीय पुरस्कार को लौटाने वाले निर्देशक दिबाकर की आलोचना करते हुए कहा कि वह मीडिया का ध्यान खींचने के लिए परेशान हैं।

दिबाकर और नौ अन्य फिल्मकारों ने हड़ताल कर रहे एफटीआईआई छात्रों का समर्थन करते हुए और देश में असहिष्णुता के बढ़ते मामलों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए गत 28 अक्तूबर को अपने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार लौटा दिये थे।

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खोसला का घोसला को 2006 में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म (हिंदी) के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया था। सविता ने कहा कि दिबाकर को यह पुरस्कार लौटाने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि यह उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है बल्कि फिल्म की पूरी टीम का सम्मान है।

उन्होंने पीटीआई से कहा, "मैं इस बात से बहुत दुखी हूं कि मेरी फिल्म इस विवाद में पड़ गयी है। दिबाकर को पुरस्कार लौटाने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि यह उनका सम्मान नहीं है। यह फिल्म के लिए दिया गया था जिसमें प्रत्येक अदाकार, निर्माता शामिल हैं। वह पुरस्कार कैसे लौटा सकते हैं? उन्हें यह फैसला लेने से पहले मुझसे बात करनी चाहिए थी।"

निर्माता को यह नहीं लगता कि दिबाकर का फैसला राजनीति से प्रेरित है लेकिन उनका मानना है कि वह अपनी नई फिल्म 'तितली' के लिए मीडिया का ध्यान आकर्षित करना चाहते थे। तितली इसी शुक्रवार को रिलीज हुई है।

इस बारे में पूछे जाने पर दिबाकर ने कहा कि सविता का उनसे नाराज होना लाजमी है लेकिन कुछ चीजें फिल्म से बड़ी होती हैं।

दिबाकर ने कहा, "यह हम सभी के लिए दुखद और निराशाजनक निर्णय रहा। उन्हें ऐसा महसूस करने का अधिकार है। इसके लिए मैं उनसे व्यक्तिगत रूप से क्षमाप्रार्थी हूं। लेकिन कुछ चीजें होती हैं जो फिल्म से बड़ी होती हैं।

खोसला का घोसला के अलावा दिबाकर की दूसरी फिल्म 'ओए लकी लकी ओए' को भी इसी श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया था। सविता ने अपनी फिल्म के लिए राष्ट्रीय सम्मान लौटाने और डिज्नी-यूटीवी की 'ओए लकी लकी ओए' के लिए मिले पुरस्कार को नहीं लौटाने के दिबाकर के इरादे पर भी सवाल खड़ा किया।

उन्होंने कहा, "उन्होंने यह इसलिए नहीं किया क्योंकि यह डिजनी की फिल्म थी। वह उनके साथ कोई झगड़ा मोल नहीं लेना चाहते थे। भविष्य में उन्हें उनके साथ काम करने का मौका मिल सकता है।"

सविता ने आगे कहा, "मैं स्वतंत्र निर्माता हूं, इसका यह मतलब नहीं है कि वह मेरे साथ ऐसा करें। मैं उनसे विस्तार से बात करंगी। मैं 'खोसला का घोसला 2' बना रही हूं। मैं जो ब्रांड बनाने की कोशिश कर रही हूं, वह उसे बिगाड़ रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि वह अपनी निराशा के बारे में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार संस्था को पत्र लिखने वाली हैं।

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