मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर अपनी पिछली रिलीज हुई 'बागी' की सफलता से काफी खुश हैं। फिलहाल वह फिल्म की सफलता की पार्टी को एन्जॉय कर रही हैं। श्रद्धा काफी समय में बॉलीवुड में अपने लिए खास जगह बना ली है। सिनेमाजगत के बारे में कहा जाता है कि इसमें गॉड फादर के बिना स्टारडम तो क्या फिल्में तक नहीं मिलतीं। ऐसे में अगर आम सी दिखने वाली एक लड़की पांच सालों में ही सुपरस्टार होने का आभास दिलाने लगे तो मानना चाहिए कि उसमें कुछ खास है। ऐसी ही अभिनेत्री हैं श्रद्धा कपूर। वह साबित करती हैं कि स्टार बनाए नहीं जाते बल्कि खुद अपनी जगह बना लेते हैं।
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पिछले एक दशक में आई रोमांटिक फिल्मों में श्रद्धा की 'आशिकी 2' सर्वश्रेष्ठ की श्रेणी में रखी जा सकती है। इसने श्रद्धा को स्टार बनाया। उन्होंने फिल्मों की वेरायटी पर ध्यान दिया और इसी का नतीजा है कि उन्होंने लगातार पांच सुपरहिट फिल्में दीं। 'आशिकी 2' के बाद 'एक विलेन', 'हैदर', 'एबीसीडी-2' और अब 'बागी'। इन सभी में श्रद्धा ने अपनी छाप छोड़ी।
नई पीढ़ी की अभिनेत्रियों में आलिया भट्ट को सबसे ज्यादा नंबर दिए जाते हैं। बॉक्स आफिस और फिल्म समीक्षक उनके लिए सकारात्मक रहे हैं, लेकिन श्रद्धा अब आलिया के बराबर नहीं बल्कि उनसे आगे दौड़ रही हैं। फिल्मी पंडितों की नजर में भी फायदा श्रद्धा को है।
आलिया पर करन जौहर (धर्मा प्रोडक्शन) का ठप्पा लगा हुआ है, जबकि श्रद्धा किसी कैंप से नहीं हैं। उनके करियर की शुरुआत यशराज फिल्म्स की तीन फिल्मों के करार से हुई। श्रद्धा ने 'लव का दी एंड' में अच्छी अदाकारी की, लेकिन यह चली नहीं। वह जान गई कि उन्हें अपना रास्ता खुद ही बनाना होगा।
यशराज फिल्म्स से करार तोड़ना बड़ी हिम्मत का काम था। आलोचनाओं के बावजूद उन्होंने अपना फैसला नहीं बदला और फिर आई 'आशिकी 2'। इसके बाद उन्होंने उस रास्ते की ओर मुड़कर नहीं देखा, जहां बैनर के दम पर स्टार खड़े किए जाते हैं। श्रद्धा के साथ काम करने वाले निर्माता-निर्देशक और अभिनेता मानते हैं कि वह एक सेल्फमेड अभिनेत्री हैं।