गॉडफादर सिनेमाई दुनिया की एक ऐसी फिल्म सीरीज है जिसने ऑर्गनाइज्ड क्राइम को ग्लोरिफाई किया है। लेकिन हॉलीवुड की ये फिल्म भले ही असल जिंदगी से प्रेरित मानी जाती है फिर भी असल तो नहीं है। साल 1999 में आई एक ऐसी ही फिल्म जिसका नाम था गॉडमदर, ने लोगों का दिमाग हिला दिया था। ये फिल्म एक असल महिला डॉन की जिंदगी से प्रेरित थी जिसके नाम से अपराध की गलियां कभी कांप जाया करती थीं। गॉडमदर के नाम से कुख्यात गैंगस्टर महिला ने विधायकी का चुनाव भी जीता था। साल 1999 में जब इस महिला डॉन की जिंदगी पर फिल्म बनी तो 6 नेशनल अवॉर्ड अपनी झोली में गिराए। आइये जानते हैं इस फिल्म की पूरी कहानी।
गैंगस्टर संतोबेन जडेजा पर बनी थी फिल्म
साल 1999 में रिलीज हुई बायोग्राफिकल ड्रामा फिल्म 'गॉडमदर' का निर्देशन विनय शुक्ला ने किया था। यह फिल्म 80 और 90 के दशक में गुजरात के पोरबंदर की गैंगस्टर संतोबेन जडेजा की कहानी से प्रेरित है। फिल्म में 'गॉडमदर' के रूप में शबाना आजमी ने रंभी का किरदार बेहद शानदार तरीके से निभाया था। यूं तो शबाना ने कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया है, जिन्हें दर्शकों ने काफी पसंद भी किया, लेकिन अगर फिल्म 'गॉडमदर' में उनके किरदार की बात करें, तो शायद ही कोई अभिनेत्री उस किरदार को शबाना से बेहतर निभा पाती। इस किरदार के लिए उन्हें अपने करियर के पांचवें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इतना ही नहीं फिल्म ने कुल 6 नेशनल अवॉर्ड अपने नाम किए थे। जिनमें शबाना आजमी को बेस्ट एक्ट्रेस, रेणु सलूजा को बेस्ट एडिटिंग, संजीव अभ्यांकर को बेस्ट प्लेबैक सिंगर, विशाल भारद्वाज को बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर, जावेद अख्तर को बेस्ट लिरिक्स और विनय शुक्ला को बेस्ट फीचर फिल्म के नेशनल खिताब से सम्मानित किया गया था।
फिल्म की कहानी
'गॉडमदर' गैंगस्टर संतोकबेन जडेजा के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने 1980 के दशक के अंत और 1990 के दशक की शुरुआत में गुजरात के पोरबंदर में माफिया गतिविधियों को अंजाम दिया और बाद में एक राजनेता बन गईं। इतना ही नहीं संतोकबेन ने पोरबदर से विधायकी का चुनाव भी लड़ा और जीत हासिल की। संजीव अभ्यंकर ने इस फिल्म के लिए गायन का जिम्मा संभाला, जबकि विशाल भारद्वाज ने संगीत तैयार किया और जावेद अख्तर ने गीत लिखे। इस फिल्म में शबाना आज़मी, मिलिंद गुनाजी और निर्मल पांडे ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। फिल्म में शबाना आज़मी ने रंभी की मुख्य भूमिका निभाई, मिलिंद गुनाजी ने वीरम की, निर्मल पांडे ने जाखड़ा की, गोविंद नामदेव ने केशुभाई की, विनीत कुमार ने लखुभाई की, लवलीन मिश्रा ने रामदे की पत्नी की, राइमा सेन ने सेजल की और शरमन जोशी ने करसन की भूमिका निभाई।
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