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Dwidwadash Yog: गुरु-केतु के बीच 2 जून से बनेगा द्विद्वादश योग, 4 राशियां शिक्षा-करियर और आध्यात्मिक क्षेत्र में पाएंगी उन्नति

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : May 30, 2026 08:33 am IST,  Updated : May 30, 2026 08:33 am IST

Dwidwadash Yog: गुरु ग्रह 2 जून को अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर कर जाएंगे। गुरु के राशि बदलते ही केतु के साथ देवगुरु द्विद्वादश योग बनाएंगे। इस योग के बनने से किन राशियों को जीवन में सुखद फल मिल सकते हैं, इसके बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।

Dwidwadash Yog- India TV Hindi
द्विद्वादश योग 2 जून 2026 Image Source : INDIA TV

Dwidwadash Yog: गुरु ग्रह 2 जून को मिथुन राशि से निकलकर अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर कर जाएंगे। कर्क राशि में गोचर करते ही सिंह राशि में बैठे केतु के साथ गुरु द्विद्वादश योग बनाएंगे। क्योंकि केतु ग्रह की स्थिति गुरु से द्वितीय भाव में होगी वहीं गुरु, केतु से द्वादश भाव में रहेंगे। ये दोनों ग्रह ज्ञान, आध्यात्म के कारक माने जाते हैं। ऐसे में गुरु-केतु के बीच द्विद्वादश योग का बनना कुछ राशियों के लिए लाभदायक रह सकता है। आइए विस्तार से जान लेते हैं इन राशियों के बारे में। 

मेष राशि 

द्विद्वादश योग आपके ज्ञान चक्षु को खोलने वाला साबित हो सकता है। आप अपनी योग्यता को पहचानेंगे और कार्यक्षेत्र में जबरदस्त प्रदर्शन कर सकते हैं। इस राशि के उन विद्यार्थियों को सफलता मिलेगी जो मेडिकल और वनस्पति विज्ञान की पढ़ाई कर रहे हैं। कुछ लोगों को उच्च पद की प्राप्ति भी द्विद्वादश योग के बनने से प्राप्त हो सकती है। पंचम भाव में केतु और चतुर्थ भाव में गुरु का होना आपके पारिवारिक जीवन में भी निखार लाएगा। इस दौरान आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी।

कर्क राशि 

गुरु का गोचर आपकी ही राशि में 2 जून को होगा। वहीं केतु आपके वाणी और धन के द्वितीय भाव में हैं। इसलिए कर्क राशि के जो विद्यार्थी जनसंचार, सेल्स, मार्केटिंग आदि की पढ़ाई कर रहे हैं उनको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। वहीं द्विद्वादश योग के प्रभाव से आपको मनचाही जगह पर नौकरी मिलने के भी आसार हैं। धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से आप सक्रिय नजर आएंगे। मानसिक स्थिति में अच्छे बदलाव कर्क वालों को देखने को मिल सकते हैं। 

धनु राशि 

गुरु आपकी ही स्वामी के राशि हैं और द्विद्वादश योग में आपके अष्टम भाव को सक्रिय करेंगे वहीं केतु आपके नवम भाव को सक्रिय करेगा। इसलिए द्विद्वादश योग के प्रभाव से आप गूढ़ विषयों को जानने में रुचि ले सकते हैं। इस राशि के जो विद्यार्थी रिसर्च कार्य कर रहे हैं उनको सफलता मिल सकता है। करियर के क्षेत्र में भी उपलब्धियां आपको मिल सकती है। वहीं आध्यात्मिक गतिविधिओं में भी आप हिस्सा लेंगे। पहले से अध्यात्म के पथ पर अग्रसर हैं तो अच्छे अनुभव हो सकते हैं। 

कुंभ राशि 

द्विद्वादश योग का शुभ प्रभाव कुंभ राशि के जातकों पर भी देखने को मिल सकता है। आपको करियर के क्षेत्र में अच्छे अनुभव होंगे। आपका सुलझा हुआ चरित्र लोगों को आकर्षित करेगा। इस दौरान किसी आध्यात्मिक गुरु से मुलाकात आपके लिए यादगार साबित हो सकती है। विद्यार्थियों की एकाग्रता में वृद्धि देखने को मिल सकती है। कुंभ राशि के जातक अपने शत्रुओं को परास्त करने में कामयाब होंगे। हालांकि आपको सेहत को लेकर थोड़ा सतर्क रहना होगा। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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