अमीषा पटेल, कार्तिक आर्यन से लेकर कृति सेनन तक बॉलीवुड में ऐसे कई कलाकार हैं, जो पढ़ाई के मामले में भी अव्वल रहे और अब अभिनय की दुनिया में तहलका मचा रहे हैं। इन कलाकारों ने बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। लेकिन, क्या आप 80-90 के दशक के उस कलाकार के बारे में जानते हैं, जिसने डॉक्टर होते हुए फिल्मों का रुख किया है। आज हम आपको जिस स्टार के बारे में बताने जा रहे हैं, वो पहले साइकेट्रिस्ट बने और फिर अभिनय की दुनिया में भी तहलका मचाा। अपने एक्टिंग करियर में इन्होंने स्मिता पाटिल से लेकर शाहरुख खान जैसे स्टार्स के साथ काम किया है। एक फिल्म में तो ये स्मिता पाटिल के साथ रोमांस करते भी नजर आए थे।
हम जिस एक्टर की बात कर रहे हैं, वो कोई और नहीं मोहन अगाशे हैं। मोहन अगाशे का जन्म महाराष्ट्र के एक छोटे से कस्बे में हुआ था और शुरू से ही वह पढ़ाई में काफी होशियार थे। उन्होंने पुणे से अपनी स्कूलिंग और कॉलेज कम्प्लीट किया। उन्होंने पुणे के बी.जे. मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री ली, जो उस दौर में काफी बड़ी बात हुआ करती थी। मोहन अगाशे ने एमबीबीएस के बाद मनोचिकित्सा में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और दिमाग के डॉक्टर बन गए। लेकिन, पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान ही उनकी रुचि अभिनय की ओर बढ़ने लगी और उन्होंने बॉलीवुड का रुख कर लिया।
दरअसल, डॉक्टरी की पढ़ाई के दौरान ही मोहन अगाशे की मुलाकात उत्पल दत्त से हुई और उनसे मुलाकात के बाद ही मोहन की दिलचस्पी रंगमंच और अभिनय में बढ़ने लगी। उन्होंने जब साइकेट्रिस्ट के तौर पर अपना करियर शुरू किया, उसी दौरान एक्टिंग भी करने लगे। वह 'महाराष्ट्र मानसिक स्वास्थ्य संस्थान' के संस्थापक निदेशक बने। 1993 में जब महाराष्ट्र में लातूर भूकंप आया तो भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने उन्हें भूकंप से पीड़ित व्यक्तियों के मानसिक प्रभाव पर रिसर्च करने का जरूरी काम सौंपा। डॉक्टरी के साथ-साथ मोहन अगाशे अभिनय के क्षेत्र में भी एक्टिव रहे और कई हिंदी और मराठी फिल्मों में अपने अभिनय की छाप छोड़ी। इसके अलावा उन्होंने मलयालम, तमिल और बंगाली फिल्मों में भी काम किया।
मोहन अगाशे स्मिता पाटिल के साथ भी काम कर चुके हैं। उन्होंने 'जैत रे जैत' में दिवंगत अभिनेत्री के साथ काम किया था और इस फिल्म में उनके अभिनय को काफी पसंद किया गया। ये एक मराठी फिल्म थी, जो 1977 में जब्बार पटेल द्वारा निर्देशित थी। ये फिल्म मोहन और स्मिता दोनों के करियर की महत्वपूर्ण फिल्म थी। वह 1995 में रिलीज हुई 'त्रिमूर्ति' में खलनायक की भूमिका में नजर आए, इस फिल्म में शाहरुख खान, जैकी श्रॉफ और अनिल कपूर जैसे कलाकार मुख्य भूमिका में नजर आए थे। 1996 में मोहन अगाशे को 'त्रिमूर्ति' में निभाए किरदार के लिए 'फिल्मफेयर बेस्ट विलेन अवॉर्ड' के लिए नॉमिनेट किया गया। इसके अलावा 1990 में उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था।
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