बिजनेसमैन से प्रोड्यूसर और एक्टर बने राज कुंद्रा के खिलाफ मामला चलाया जाएगा। हाई प्रोफाइल बिटकॉइन मनी लॉन्ड्रिंग मामले उनके खिलाफ स्पेशल कोर्ट को प्रथम दृश्टया पर्याप्त सबूत मिले हैं। एक विशेष PMLA (Prevention of Money Laundering Act, 2002 PMLA)अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर पूरक अभियोजन शिकायत यानी एक ऐसी शिकायत जिसके सपोर्ट में कार्रवाई करने लायक पर्याप्त सबूत मिल जाएं। जिसके बाद संज्ञान लेते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। अदालत ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 3 के तहत अपराध को संज्ञान में लेते हुए राज कुंद्रा और साटिजा को 19 जनवरी 2026 को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किया है। विस्तृत आदेश में कहा गया है कि आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया चलाने के लिए रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री मौजूद है।
क्या है पूरा मामला?
ED के अनुसार इस मामले की जड़ें महाराष्ट्र और दिल्ली पुलिस द्वारा वेरिएबल टेक प्राइवेट लिमिटेड मामले में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। एजेंसी का आरोप है कि कंपनी के प्रमोटरों ने 10 प्रतिशत मासिक रिटर्न का झांसा देकर लोगों से बिटकॉइन में बड़ी रकम जुटाई। बाद में इन पैसों का इस्तेमाल बिटकॉइन माइनिंग के लिए करने के बजाय निवेशकों को ठगा गया और रकम को गुप्त डिजिटल वॉलेट्स में छिपा दिया गया। जांच में सामने आया कि राज कुंद्रा ने कथित मास्टरमाइंड अमित भारद्वाज से 285 बिटकॉइन प्राप्त किए थे, जिनकी कीमत 150 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। ED का दावा है कि ये बिटकॉइन अपराध से अर्जित धन थे और सौदा पूरा न होने के बावजूद कुंद्रा इनके कब्जे में बने रहे। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि धन के स्रोत को छिपाने के लिए कुंद्रा ने अपनी पत्नी, अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के साथ बाजार दर से कम कीमत पर लेनदेन किया। वहीं सह-आरोपी साटिजा पर अमित भारद्वाज से 55 करोड़ रुपये प्राप्त करने का आरोप है।
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