1. Hindi News
  2. मनोरंजन
  3. बॉलीवुड
  4. सुपरस्टार के बेटे ने चुटकियों में क्रैक की UPSC परीक्षा, बने IAS, बिना कोचिंग हासिल की तगड़ी रैंक

सुपरस्टार के बेटे ने चुटकियों में क्रैक की UPSC परीक्षा, बने IAS, बिना कोचिंग हासिल की तगड़ी रैंक

 Written By: Jaya Dwivedie @JDwivedie
 Published : Nov 10, 2025 11:10 am IST,  Updated : Nov 10, 2025 11:10 am IST

कहते हैं न डॉक्टर का बेटा डॉक्टर बनेगा और एक्टर का बेटा एक्टर, लेकिन कई लोग ऐसे होते हैं जो अपने माता-पिता की पहचान से इतर अलग पहचान बनाते हैं। आज ऐसे ही IAS की जिंदगी की कहानी आपके लिए लाए हैं, जो फिल्मी सुपरस्टार का बेटा है।

srutanjay narayanan - India TV Hindi
श्रुतंजय नारायणन। Image Source : SRUTANJAY NARAYANAN INSTAGRAM

फिल्मी गलियारों में स्टारकिड्स का चमकना अब कोई नई बात नहीं। ज्यादातर बच्चे अपने माता-पिता की तरह कैमरे के सामने आने का सपना देखते हैं। कोई अभिनेता बनता है, कोई डायरेक्टर तो कोई प्रोड्यूसर, लेकिन कुछ ही ऐसे होते हैं जो इस रौशनी भरी दुनिया से हटकर अपनी राह खुद बनाते हैं। आज हम ऐसे ही एक स्टारकिड की कहानी लेकर आए हैं, जिसने ग्लैमर की जगह जिम्मेदारी का रास्ता चुना, रील लाइफ नहीं बल्कि रियल लाइफ में हीरो बनना पसंद किया। ये कहानी है आईएएस अधिकारी श्रुतंजय नारायणन की। श्रुतंजय मशहूर तमिल कॉमेडियन चिन्नी जयंत यानी कृष्णमूर्ति नारायणन के बेटे हैं।

पिता के नक्शे कदम पर नहीं, अपनी राह चुनी

चिन्नी जयंत तमिल सिनेमा का जाना-माना नाम हैं। 80 के दशक में उन्होंने रजनीकांत की कई फिल्मों में अपने हास्य अभिनय से दर्शकों को खूब हंसाया। उनकी कॉमिक टाइमिंग इतनी बेहतरीन थी कि दर्शक उनके बिना फिल्म अधूरी समझते थे, लेकिन चिन्नी जयंत के बेटे श्रुतंजय ने पिता की राह नहीं चुनी। फिल्मी माहौल में पले-बढ़े होने के बावजूद उन्होंने कैमरे से दूरी बनाए रखी और देश की सेवा का सपना देखा। उन्होंने लाइमलाइट से दूर रहते हुए पढ़ाई को तव्वजो दी और कड़ी मेहनत करते हुए अलग फील्ड में बड़ा मुकाम हासिल किया।

पढ़ाई बनी जुनून

श्रुतंजय ने चेन्नई के गिंडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से ग्रेजुएशन किया और फिर अशोका यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री ली। इसके बाद उन्होंने एक स्टार्टअप में काम किया, लेकिन दिल में एक ही ख्वाहिश थी आईएएस अधिकारी बनना। उन्होंने नौकरी के साथ-साथ रोज 4 से 5 घंटे पढ़ाई की, रात की शिफ्ट में काम किया ताकि खुद का खर्च उठा सकें। पिता की पहचान पर निर्भर रहने के बजाय उन्होंने अपनी मेहनत से रास्ता बनाया।

Chinni Jayanath son
Image Source : CHINNI JAYANATH INSTAGRAMमाता और पिता के साथ श्रुतंजय नारायणन

मेहनत का मीठा फल

लगातार मेहनत का परिणाम उन्हें 2015 में मिला, जब उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 75 हासिल की। यह उनका दूसरा प्रयास था। उन्होंने समाजशास्त्र को अपना वैकल्पिक विषय चुना और भूगोल में भी गहरी रुचि दिखाई। आज श्रुतंजय नारायणन तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले में सब कलेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वे विलुप्पुरम में एडिशनल कलेक्टर (विकास) रहे, जहां उन्होंने कई विकास योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाया। श्रुतंजय नारायणन की कहानी इस बात की मिसाल है कि स्टारकिड होना सिर्फ एक पहचान देता है, लेकिन सफलता मेहनत से ही मिलती है।

ये भी पढ़ें: जिस सुपरस्टार को सुलक्षणा पंडित ने जिंदगी भर किया प्यार, तनहाई में काटे दिन, उसकी मौत की तारीख पर ही त्यागी दुनिया

The Family Man 3 Trailer: जयदीप अहलावत बदलेंगे पूरा खेल, बेटे के सामने श्रीकांत तिवारी खोलेगा जिंदगी का सबसे बड़ा राज

Latest Bollywood News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Bollywood से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें मनोरंजन