1. Hindi News
  2. मनोरंजन
  3. बॉलीवुड
  4. 40 से 80 सिगरेट रोज पीते थे विनोद खन्ना, ब्लैडर से पहले हुआ था लंग कैंसर, न सर्जरी न कोई दवा सिर्फ एक योग क्रिया के दम पर पाई बीमारी से निजात

40 से 80 सिगरेट रोज पीते थे विनोद खन्ना, ब्लैडर से पहले हुआ था लंग कैंसर, न सर्जरी न कोई दवा सिर्फ एक योग क्रिया के दम पर पाई बीमारी से निजात

 Written By: Jaya Dwivedie @JDwivedie
 Published : Feb 09, 2026 11:45 am IST,  Updated : Feb 09, 2026 11:45 am IST

ये किसी से छिपा नहीं है कि विनोद खन्ना की मौत ब्लैडर कैंसर से हुई, लेकिन ये कम ही लोग जानते हैं कि ब्लैडर कैंसर से पहले उन्हें लंग कैंसर भी हुआ था। इससे गंभीर बीमरी से उन्हें पूरी तरह निजात मिल गई थी, वो भी बिना किसी सर्जरी के, इसका खुलासा अब उनकी मौत के सालों बाद हुआ है।

Vinod Khanna- India TV Hindi
विनोद खन्ना। Image Source : KAVITA KHANNA YOUTUBE

मशहूर अभिनेता और राजनेता विनोद खन्ना का 2017 में ब्लैडर कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद निधन हो गया था, लेकिन अब उनकी मौत के सालों बाद उनकी दूसरी पत्नी कविता खन्ना ने उनके कैंसर सफर से जुड़े कुछ ऐसे किस्से साझा किए हैं, जो अब तक ज्यादातर लोगों की नजरों से ओझल थे। ये बातें उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर एक भावुक वीडियो के जरिए बताईं, जहां दर्द भी है, आस्था भी और उम्मीद की एक अलग ही रोशनी। कविता के मुताबिक कहानी की शुरुआत होती है 2001 से। एक रूटीन हेल्थ चेकअप के दौरान डॉक्टरों को विनोद खन्ना के फेफड़ों में संदिग्ध पैच दिखाई दिए। वजह साफ थी, दिन में 40 से 80 सिगरेट पीने की आदत। 

पहले हुआ लंग कैंसर

मुंबई के नामी MRI स्पेशलिस्ट्स ने एक सुर में कहा कि ये लंग कैंसर है। हालात इतने गंभीर थे कि डॉक्टरों ने आधा फेफड़ा निकालने तक की बात कह दी। इस मुश्किल दौर में कविता और विनोद ने बीमारी को निजी रखने का फैसला किया। सर्जरी से पहले वे अपने आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर से सलाह लेने पहुंचे। ‘गुरुदेव’ जैसा कि वे उन्हें प्यार से बुलाते थे ने सुझाव दिया कि पहले AIIMS दिल्ली में ऑन्कोलॉजी हेड से मिलकर यह सुनिश्चित किया जाए कि सर्जरी को थोड़े समय के लिए टाला जा सकता है या नहीं। जब डॉक्टरों से हरी झंडी मिली तो गुरुदेव ने विनोद को ऋषिकेश आश्रम जाकर दिन में तीन बार सुदर्शन क्रिया करने की सलाह दी।

Vinod Khanna
Image Source : KAVITA KHANNA YOUTUBEअस्पताल में विनोद खन्ना।

बिना सर्जरी के ठीक हुआ लंग कैंसर

कविता याद करती हैं कि बाद में वे जर्मनी गए, जहां एक दिन अचानक विनोद के कंधे के पास असहनीय दर्द उठा। दो दिन तक वह दर्द से जूझते रहे। उसी दौरान गुरुदेव उनसे मिलने आए और एक्स-रे कराने को कहा। रिपोर्ट में न कोई टूटी पसली थी, न कैंसर का कोई निशान। यह सब किसी चमत्कार से कम नहीं था। जब वे लंदन होते हुए लौटे और रिपोर्ट्स दिखाईं तो डॉक्टर भी हैरान रह गए, लंग कैंसर पूरी तरह गायब था। उन्हें यकीन ही नहीं हुआ, लेकिन जिंदगी ने एक और इम्तिहान लिया।

Vinod Khanna
Image Source : KAVITA KHANNA YOUTUBEविनोद खन्ना और कविता खन्ना।

फिर ब्लैडर कैंसर से लड़ी जंग

2010 में ब्लैडर कैंसर का पता चला। डॉक्टरों ने साफ कहा कि अगर पूरा एलोपैथिक इलाज कराया जाए, तब भी दो साल बाद जिंदा रहने की संभावना सिर्फ 25% है। इस पर विनोद खन्ना ने गुरुदेव को फोन कर कहा, 'मैंने अपनी जिंदगी पूरी तरह जी ली है। अगर जाने का समय आ गया है तो मैं तैयार हूं, लेकिन मैं अपने शरीर को टॉर्चर नहीं करना चाहता।' गुरुदेव ने उन्हें आश्रम आकर पंचकर्म करने की सलाह दी और एक बार फिर, किस्मत ने करवट ली बीमारी का पता चलने के दो साल के भीतर कैंसर ठीक हो गया। अमेरिका में कराए गए स्कैन ने भी इसकी पुष्टि की। हालांकि इसके बाद उन्हें सख्त हिदायत दी गई कि वे शराब पूरी तरह छोड़ दें। कविता बताती हैं कि विनोद रोज शाम एक-दो ड्रिंक लेते थे। उन्होंने शराब छोड़ दी, लेकिन वक्त के साथ सेहत फिर बिगड़ती चली गई। अंत में ब्लैडर कैंसर ने उन्हें हमसे छीन लिया।

विनोद का फिल्मी सफर

विनोद खन्ना को 'मेरे अपने', 'कुर्बानी' जैसी फिल्मों के लिए हमेशा याद किया जाएगा। 70 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए। अपने आखिरी दिनों में वे मुंबई के HN रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल में इलाज करा रहे थे। उनके निधन से पहले उनकी एक बेहद कमजोर तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसने लाखों दिलों को तोड़ दिया। 1982 में करियर के शिखर पर होते हुए भी, विनोद खन्ना ने फिल्मों को अलविदा कहकर ओशो रजनीश का मार्ग चुना था। बाद में उन्होंने 'वांटेड', 'दबंग' और 'दिलवाले' जैसी फिल्मों से दमदार वापसी की। उनकी निजी जिंदगी भी उतनी ही परतदार थी, पहली शादी गीतांजलि से हुई, जिनसे उनके बेटे राहुल खन्ना और अक्षय खन्ना हैं। तलाक के बाद उन्होंने कविता खन्ना से शादी की, जिनसे उनके दो बच्चे हैं, साक्षी और श्रद्धा हैं। यह सिर्फ एक अभिनेता की कहानी नहीं है।

ये भी पढ़ें: 'घूसखोर पंडत' से पहले देखें नीरज पांडे की ये 5 धमाकेदार फिल्में-सीरीज, एक की भी नहीं है 8 से कम IMDb रेटिंग

Ghooskhor Pandat: किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था मनोज बाजपेयी का मकसद, एक्टर ने कही लंबी-चौड़ी बात

Latest Bollywood News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Bollywood से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें मनोरंजन