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एक पहेली लीला

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 Published : Apr 10, 2015 03:30 am IST,  Updated : Apr 10, 2015 03:30 am IST
Ek Paheli Leela
Ek Paheli Leela
  • फिल्म रिव्यू: Ek Paheli Leela
  • स्टार रेटिंग 1.5/5
  • पर्दे पर: 10 APRIL, 2015
  • डायरेक्टर: बॉबी खान
  • शैली: ड्रामा

कहानी क्या है-

मीरा (सनी लियोन) लंदन की एक सुपर मॉडल है लेकिन कुछ है जो उसको अंदर ही अंदर हमेशा परेशान करता रहता है। एक फोटोशूट के लिए उसे राजस्थान के एक गांव में आना पड़ता है और यहां पर उसे कुछ पुरानी बातों का एहसास होने लगता है जो उसके पिछले जन्म से जुड़ी होती है। मीरा को यहां रणबीर सिंह (मोहित अलावत) से प्यार हो जाता है और देखते ही देखते उसकी उससे शादी हो जाती है।

वही दूसरी तरफ है करन (जय भानुसशाली), जिसे बुरे सपने आते हैं और वह इन सपनों से छुटकारा पाने के लिए एक पंडित से मिलता है। पंडित कुछ तंत्र-मंत्र करके उसे पिछले जन्म की कहानी दिखाता है और उसमें सामने आती है लीला (सनी लियोन)। कहानी 300 साल पहले का रूख करती है जब मीरा लीला हुआ करती थी। उस समय एक  मूर्तिकार भैरव (राहुल देव) उसका  दीवाना  था लेकिन लीला  श्रवण (रजनीश दुग्गल) से प्यार करती थी।

श्रवण वर्तमान में करन है जो राजस्थान आ पहुंचता है और वही उसकी मुलाकात होती है लीला से जो अब मीरा है। आगे की कहानी अतीत और वर्तमान  की  जंग  और करन-मीरा के प्यार के बारे में है जो पिछले जन्म में अधूरी रह गई थी।

सनी के अलावा इस फिल्म में क्या खास है?

अफसोस की ऐसा कुछ भी नहीं है। सनी की पिछली फिल्मों की तरह निर्देशक उनकी सेंशुअस छवि का फायदा उठाते है जो कि इस बार आपको बोर करता है। निर्देशक बॉबी खान सिर्फ सनी को पूरी फिल्म में प्रोजेक्ट करते है और स्टोरी से तौबा कर लेते है। लगता है डायरेक्टर ने अपनी पूरी ताकत सनी को ग्लैमरस अंदाज में दिखाने में झोंक दी है। फिल्म में पूनर्जन्म का कॉन्सेप्ट 70 और 80 के दशक से इंस्पायर्ड है जिसका आज के ज़माने में ढलना बहुत मुश्किल है।

फ़िल्म लॉजिक्स से परे है और सीन्स में तालमेल की कमी है। फिल्म खिंची हुई लगती है और गाने सीन्स से मेल नहीं खाते।

जो वजह आपको सिनेमा घरों तक खींचती है यानी सनी, वो भी इस बार आपको नहीं लुभाती। फिल्म में कपड़े बदलने और अपने हुस्न का जल्वा बिखेरने के अलावा सनी कुछ और करते हुए नहीं दिखती। एक्सप्रेशन देने में नाकाम सनी लियॉन इस बार भी एक्सप्रेशन देने की कोशिश में फेल होती नजर आती है।

बाकी कलाकारों की बात करे तो राहुल देव की ऐक्टिंग अच्छी है। मोहित अहलावत ने भी ठीक-ठाक वापसी की है। जय भानुशाली और रजनीश दुग्गल भी ओके हैं।

आखिरी राय -

सनी के बहुत बड़े फैन्स के लिए एक पहेली लीला एंटरटेनमेंट का अच्छा विकल्प है लेकिन बाकियों को ये निराश ही करेगी।

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