फिल्म की स्टोरी आखिर है क्या-
न्यू एज कपल मीरा (अनुष्का शर्मा) और अर्जुन (नील भूपलम) वीकेंड मनाने के लिए गुड़गांव से दूर निकलते हैं और एनएच 10 उनके लिए मुसीबत लेकर आता है। रास्ते में वे एक ढाबे पर चाय पीने रूकते हैं। यहां एक लड़की और लड़के को कुछ लोग पीट रहे होते हैं। अर्जुन दखल देता है लेकिन जंगली किस्म के ये लोग मीरा-अर्जुन के पीछे पड़ जाते हैं। जंगलों और गांवों में भटकते हुए उनका सामना एक ऐसे भारत से होता है जहां जंगल राज चल रहा है। तो आखिर क्या होगा मीरा और अर्जुन का। जानने के लिए देखिए एनएच 10।
क्या है जीत के मूलमंत्र-
नवदीप सिंह ने इस फिल्म के ज़रिये औरतों की भयावह स्थिति के साथ ऑनर किलिंग जैसे शर्मनाक मुद्दे को भी उठाया है। जहां शहरों के शॉपिंग मॉल्स समाप्त होते हैं वही से भारत का दूसरा चेहरा सामने आता है। यहां महिलाओं की स्थिति भयावह है। वे अपने निर्णय नहीं कर सकती। दूसरी जाति में शादी करने पर अपने ही अपनों की हत्या कर देते हैं और इसे सम्मानजनक बात माना जाता है। लेडीज़ टॉयलेट की दीवारों पर महिलाओं के प्रति असम्मानजनक बातें लिखी जाती हैं जो स्त्री के प्रति पुरुषों की विकृत सोच को बयां करती है।
मीरा एक पढ़ी-लिखी महिला है, अपनी शर्तों पर जीवन जीती है और उसके लिए चमचमाते मॉल्स और मेट्रो सिटी ही भारत है। लेकिन जब इस देश की दरिंदगी से उसका सामना होता है तो वो दंग रह जाती है। मीरा और अर्जुन के साथ जिस तरह की घटनाएं होती हैं उससे दर्शक हिल जाता है। है। क्लाइमेक्स में फिल्म अनुष्का शर्मा की 'बदलापुर' बन जाती है, लेकिन यहां स्क्रिप्ट का फिल्मी हो जाना अच्छा लगता है। मीरा अपने दुश्मन को मारने के पहले सिगरेट के कश लगाती है और गुंडे की आंखों में भय देख उसे सुकुन मिलने वाला दृश्य बेहतरीन बन पड़ा है।
दर्द सहती हुई, खून से सनी, हिम्मत नहीं हारने वाली मीरा का किरदार अनुष्का शर्मा ने बेहतरीन तरीके से जिया है। उनकी आंखों में बदला लेने की चमक साफ देखने को मिलती है। उन्होंने हर भाव को बखूबी पेश किया है।
मैरी कॉम में दर्शन कुमार ने आदर्श पति की भूमिका निभाई थी, लेकिन यहां पर वे क्रूर हरियाणवी युवक के रोल में है जिसे देख सिरहन पैदा होती है। नील भूपलम, दीप्ति नवल सहित तमाम कलाकारों ने अपना काम संजीदगी से किया है।
एनएच 10 पर सफर किया जा सकता है।