क्योंकि सास भी कभी बहू थी सीजन 2 के 5वें एपिसोड में बड़ा धमाका होने वाला है। आगे की कहानी में देखने को मिलेगा कि गायत्री के तानों से तुलसी रो देती है। मिहिर उसे याद दिलाता है कि वह अंगद, परी और ऋतिक की मां है और उन पर ध्यान के लिए जोर देता है। इस मुश्किल घड़ी में वह उसे दिलासा देता है। इस बीच समीर एक पुलिस अधिकारी पर गुस्सा करता दिखाई देता है क्योंकि वह उसके खिलाफ सारे सबूत मिटाने में नाकाम हो जाता है। अधिकारी उसे बताता है कि ट्रैफिक पुलिस इंस्पेक्टर नितिन गोखले ही मुसीबत हैं क्योंकि उन्होंने सीसीटीवी फुटेज मुहैया कराई है। समीर, नितिन को रिश्वत देने का फैसला करता है।
समीर बना तुलसी और अंगद का दुश्मन
दूसरी ओर, नितिन दुखी है क्योंकि उसकी बहन वृंदा के पास बुनियादी शिक्षा के संसाधन नहीं हैं। समीर, नितिन के घर जाता है और सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने के लिए उसे 50,000 रुपये ऑफर करता है। जब नितिन रिश्वत लेने से हिचकिचाता है तो समीर उसे 5 लाख रुपये देने का वादा करता है और चला जाता है। नितिन की पत्नी पैसे न लेने के लिए उससे बहस करती है। इसी बीच देखने को मिलेता है कि घर के कामों में व्यस्त तुलसी को अंगद की याद आती है। नौकरानी मुन्नी, तुलसी को यकीन दिलाने की कोशिश करती है कि अंगद निर्दोष है। वह तुलसी को याद दिलाती है कि अंगद हमेशा ईमानदारी से रहा है और इस बार भी वह निर्दोष है। तुलसी परेशान हो जाती है क्योंकि अंगद के बारे में सच्चाई अभी तक सामने नहीं आई है।
नितिन बनेगा विलेन
वहीं हैरान करने वाला मोड़ तब आता है जब नितिन को पता चलता है कि उसकी मां गिर गई है और उन्हें चोट लग गई। डॉक्टर सर्जरी की सलाह देते हैं, जिसमें काफी खर्च आएगा। नितिन और वृंदा खर्च को लेकर परेशान हो जाते हैं। तब पता चलता है कि नितिन की मां और सुप्रिया ने दुर्घटना की साजिश रची थी ताकि नितिन समीर से पैसे ले ले। न चाहते हुए भी नितिन रिश्वत लेने के लिए राजी हो जाता है। वह सीसीटीवी फुटेज को डिलीट करने के लिए ऑफिस जाता है और उसे घर लाने से पहले पेनड्राइव में कॉपी कर लेता है।
वृंदा को अंगद की बेगुनाही का सबूत मिलेगा
तुलसी अंगद को लेकर पेरशान हो जाती है। अगली सुबह वृंदा अपना काम पूरा करने के लिए उठती है और अपनी पेनड्राइव ढूंढ़ने लगती है तभी उसे अचानक नितिन की पेनड्राइव मिल जाती है। फिर वह सीसीटीवी फुटेज देखती है, जिसमें समीर को दुर्घटना का असली दोषी बताया गया है। उसे बुरा लगता है क्योंकि अंगद निर्दोष है और जेल में है। वृंदा अपने भाई को सच्चाई बताने का फैसला करती है। अगली सुबह तुलसी और मिहिर, अंगद को लेकर बात करते दिखाई देते हैं। वे हेमंत और ऋतिक को कंपनी में कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल करने पर चर्चा करते हुए देखते हैं। गायत्री बताती है कि हालात कैसे बिगड़ रहे हैं। मिहिर, अंगद को बचाने का फैसला करता है, लेकिन तुलसी इसका विरोध करती है। मिहिर बहस करता है और कागजों पर हस्ताक्षर करने का फैसला करता है। इसी दौरान हेमंत बीच में आ जाता है और मिहिर को तुलसी से लड़ाई करने के लिए मना करता है। गायत्री और मिहिर परेशान हो जाते हैं।