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Explainer:इराक और सीरिया के बाद अब अफ्रीकी देश बन रहे ISIS आतंकियों के नए ठिकाने, UN भी हैरान

 Published : Feb 17, 2024 12:44 pm IST,  Updated : Feb 17, 2024 12:44 pm IST

इराक और सीरिया में आतंक की जड़ें मजबूत करने के बाद अब इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आइएसआइएस) आतंकवादी समूह अफ्रीकी देशों में नया ठिकाना बना रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने आइएसआइएस के खतरों के लेकर आगाह भी किया है। आइएसआइएस आतंकी विदेशों में हमला करने की योजना बना रहे हैं।

अशांत अफ्रीकी देश (प्रतीकात्मक फोटो)- India TV Hindi
अशांत अफ्रीकी देश (प्रतीकात्मक फोटो) Image Source : AP

Explainer: इराक और सीरिया समेत दुनिया के कई देशों में आतंक का पर्याय बना इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आइएसआइएस) आतंकवादी समूह अब अपना नया ठिकाना तलाश चुका है। बता दें कि पिछले कई वर्षों से अशांत चल रहे पश्चिमी अफ्रीकी देश आइएसआइएस के मुफीद ठिकाने बन रहे हैं। इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र भी हैरान हो गया है। गरीबी और भुखमरी के अलावा पश्चिमी अफ्रीकी देश गृह युद्ध की चपेट में भी हैं। नाइजर, माली, बुर्किना फासो जैसे पश्चिमी अफ्रीकी देश इन्हीं हालातों से गुजर रहे हैं। जहां तख्तापलट होने के बाद अस्थिरता और अशांति का दौर चल रहा है। ऐसे में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने इन देशों में अपनी जड़ें जमानी शुरू कर दी हैं।

संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद रोधी कार्यालय के प्रमुख ने इस्लामिक स्टेट के नए ठिकानों को लेकर गहरी चिंता जाहिर करते कहा है कि पश्चिम अफ्रीका और साहेल में राजनीतिक अस्थिरता के बीच आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट एक बड़ा खतरा बना हुआ है। इस्लामिक स्टेट आतंकी समूह की मंशा विदेशों में हमले करने की है। संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद रोधी कार्यालय के प्रमुख व्लादिमीर वोरोनकोव ने एक रिपोर्ट के आधार पर कहा कि यूएन के सदस्य देशों को इस खतरे से मुकाबला करने में काफी सफलता मिली है, लेकिन इस्लामिक स्टेट अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा बना हुआ है खासतौर पर संघर्ष क्षेत्रों में।

विदेश में हमला करना चाहता है आइएसआइएस

एक रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त राष्ट्र ने दावा किया है कि आइएसआइएस के आतंकी विदेश में हमले की योजना बना रहे हैं। ऐसे में उन्होंने अफ्रीकी देशों को अपना नया बेस बनाना शुरू किया है।  व्लादिमीर वोरोनकोव ने कहा कि इस आतंकवादी संगठन ने इराक और सीरिया में पूर्व में रहे अपने गढ़ों में भी अभियान तेज किए हैं। वोरोनकोव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बताया कि पश्चिम अफ्रीका और साहेल के बड़े इलाकों में हालात बिगड़े हैं साथ ही ‘‘और जटिल हुए हैं।’’ इस्लामिक स्टेट को अरबी भाषा में दाएश कहा जाता है।

माली से नाइजीरिया सीमा अत्यधिक खतरे की चपेट में

वोरोनकोव ने कहा ,‘‘ दाएश से जुड़े संगठन भी तेजी से अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे हैं और अगर ये हालात जारी रहे तो इस बात का खतरा है कि माली से नाइजीरिया की सीमा तक एक बड़े इलाके में स्थिरता को खतरा हो सकता है।’’ संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद रोधी समिति के कार्यकारी निदेशालय की कार्यकारी निदेशक नतालिया घेर्मन ने कहा, ‘‘वे राजनीतिक अस्थिरता का फायदा उठा रहे हैं और साहेल में अपने प्रभाव, अपने संचालन और क्षेत्रीय नियंत्रण का विस्तार कर रहे हैं।’’ वोरोनकोव ने कहा कि अफ्रीका में आतंकवाद के खतरे का मुकाबला करना उनके कार्यालय की प्राथमिकता है। 

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