Interesting Facts : सनातन परंपरा के अंतर्गत आज से नवसंवत्सर यानी नए साल का आगाज हो चुका है। वहीं, अगर इस्लाम की बात करें तो इसमें मुहर्रम के महीने की पहली तारीख से नए साल की शुरुआत मानी जाती है। हालांकि, ग्रिगेरियन यानी अंग्रेजी कैलेंडर की बात करें तो 1 जनवरी से नए साल की शुरुआत होती है। जिस तरह अंग्रेजी में आप जनवरी-फरवरी नाम सुनते हैं उसी तरह कई हिन्दू और इस्लामिक परंपरा में भी महीनों के नाम क्रमश: हिन्दी और उर्दू में होते हैं। हालांकि, ज्यादातर लोगों को हिन्दी और इस्लामिक महीनों के नाम तक नहीं याद होते हैं। मगर, आज हम आपको हिन्दी के चैत्र-बैसाख और इस्लामिक महीनों के नाम बताएंगे।
हिन्दी महीनों के नाम
यदि आपको हिन्दी महीनों के नाम नहीं पता है तो आज इन्हें रट लीजिए :
- चैत्र
- बैसाख
- ज्येष्ठ (जेठ)
- आषाढ़
- श्रावण (सावन)
- भाद्रपद (भादो)
- अश्विन
- कार्तिक
- मार्गशीर्ष
- पौष
- माघ
- फाल्गुन (फागुन)
इस्लामिक कैलेंडर को क्या कहते हैं
गौरतलब है कि, इस्लामिक कैलेंडर को हिजरी कैलेंडर कहा जाता है। ब्रिटैनिका की रिपोर्ट के मुताबिक, 12वें माह को छोड़कर, सभी माह बारी-बारी से 30 और 29 दिनों के होते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि, इस्लामिक कैलेंडर के हिसाब से वर्ष में या तो 354 या 355 दिन होते हैं। इसमें कोई अतिरिक्त लीप दिवस या माह नहीं जोड़ा जाता है, इसलिए नामित माह एक ही ऋतु में नहीं रहते बल्कि प्रत्येक 32.5 सौर वर्षों में पूरे सौर वर्ष (लगभग 365.25 दिन) में पीछे की ओर बढ़ते हैं।
इस्लामिक कैलेंडर में महीनों के नाम
- मुहर्रम
- सफ़र
- रबी अल-अव्वल
- रबी अल-थानी
- जुमादा अल-अव्वल
- जुमादा अल-थानी
- रजब
- शाबान
- रमज़ान
- शव्वाल
- धू अल-क़ादा
- धू अल-हिज्जा
उर्दू के महीनों की खास बात
गौरतलब है कि, इस्लामिक परंपरा के हिसाब से नया साल मुहर्रम माह के पहले दिन से शुरू होता है। इसके बाद जब रमज़ान आता है तो इसमें इस परंपरा के अनुयायी रोज़ा यानी उपवास रखते हैं। फिर आगे जो धू अल-हिज्जा का महीना तो इसमें अनुयायी हज के लिए जाते हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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