US-China Trade: अमेरिका और चीन के बीच व्यापार संबंध लगातार खराब होते जा रहे हैं। इसी बीच चीन ने अमेरिका को एक और बड़ा झटका दे दिया है। चीन ने अमेरिका से सोयाबीन का आयात पूरी तरह से बंद कर दिया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि पिछले 7 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है जब चीन ने अमेरिका से सोयाबीन की कोई खरीदारी नहीं की है। सितंबर, 2025 में अमेरिका से चीन को सोयाबीन का कोई निर्यात नहीं हुआ। इससे पहले, नवंबर 2018 में भी चीन ने अमेरिका से सोयाबीन का बिल्कुल आयात नहीं किया था। चीन के इस ताजा कदम से अमेरिकी सोयाबीन किसान टेंशन में हैं।
सितंबर, 2024 में चीन ने अमेरिका से आयात किया था 1.7 मिलियन मीट्रिक टन सोयाबीन
चीन द्वारा शेयर किए गए एक डेटा के मुताबिक, चीन ने अमेरिका से सितंबर, 2024 में 1.7 मिलियन मीट्रिक टन सोयाबीन आयात किया था। लेकिन इस साल सितंबर में ये आयात 0 (शून्य) हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि चीन द्वारा अमेरिका पर लगाए गए भारी टैरिफ की वजह से सोयाबीन की शिपमेंट जीरो हुई है। रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि पुरानी फसलों की शिपमेंट पहले ही हो चुकी थी। कैपिटल जिंगडू फ्यूचर्स के एक्सपर्ट वान चेंगजी ने बताया कि चीन दुनिया का सबसे बड़ा सोयाबीन आयातक है और टैरिफ में भारी बढ़ोतरी की वजह से सितंबर में आयात में जीरो हो गया। हालांकि, चीन के बाजारों में अभी भी पुरानी फसलों की फलियां बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

चीन ने सितंबर में आयात किया 12.87 मीट्रिक टन सोयाबीन
कस्टम डिपार्टमेंट के डेटा की मानें तो चीन ने सितंबर में 12.87 मीट्रिक टन सोयाबीन का आयात किया। ये चीन द्वारा सोयाबीन का दूसरा सबसे बड़ा मासिक आयात है। सितंबर में चीन का ब्राजील से होने वाला आयात सालाना आधार पर 29.9% बढ़कर 10.96 मिलियन टन हो गया, जो चीन के कुल तिलहन आयात का 85.2% है। इसके साथ ही, चीन का अर्जेंटीना से होना वाला आयात भी 91.5% बढ़कर 1.17 मिलियन टन हो गया, जो कुल आयात का 9% है।
अमेरिकी किसानों को उठाना पड़ सकता है भारी नुकसान
चीन ही नहीं, कई दूसरे देश भी सोयाबीन के आयात के लिए अमेरिका के बजाय ब्राजील और अर्जेंटीना के साथ व्यापार बढ़ा रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप की वजह से उपजे इन परिस्थितियों पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो अमेरिका के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर अमेरिका और चीन के बीच जल्द व्यापार समझौता नहीं होता तो अगले साल फरवरी से लेकर अप्रैल के बीच चीन में सोयाबीन की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।.
चीन के इस फैसले के बाद एक बार फिर अमेरिका के साथ बिगड़े संबंध
बताते चलें कि चीन ने इस महीने की शुरुआत में चीन ने दुर्लभ मृदा खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। चीन के इस फैसले से झल्लाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 1 नवंबर से 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी थी। इसके साथ ही, अमेरिका ने महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगाने की धमकी दी थी। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर चीन के साथ बिगड़े हुए व्यापार संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप ने रविवार को कहा था कि उन्हें भरोसा है कि चीन के साथ सोयाबीन पर समझौता हो जाएगा।