Saturday, January 31, 2026
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EXPLAINER: स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्यों है स्पेशल? कितनी आई थी निर्माण लागत, जानें ये रोचक बातें, देखें मनमोहक तस्वीरें

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी न केवल सरदार पटेल के अद्वितीय योगदान का प्रतीक है, बल्कि यह भारत की एकता, तकनीकी प्रगति और सांस्कृतिक गौरव का भी प्रतीक बन चुकी है।

Written By: Sourabha Suman @sourabhasuman
Published : Oct 31, 2025 08:48 am IST, Updated : Oct 31, 2025 08:59 am IST
गुजरात में नर्मदा नदी के ऊपर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की भव्य प्रतिमा।- India TV Hindi
Image Source : IMAGE FROM X POSTED BY @SOUINDIA गुजरात में नर्मदा नदी के ऊपर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की भव्य प्रतिमा।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री, सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित एक शानदार स्मारक है। 'भारत का लौह पुरुष' (आयरन मैन ऑफ इंडिया) कहे जाने वाले सरदार पटेल को स्वतंत्र भारत के निर्माण में 562 रियासतों के ऐतिहासिक एकीकरण का श्रेय दिया जाता है। यह प्रतिमा न केवल उनकी महान विरासत का प्रतीक है, बल्कि देश की इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षमता का भी प्रदर्शन करती है। इस प्रतिमा का अनावरण 31 अक्टूबर, 2018 को हुआ था। नर्मदा नदी के ऊपर स्थित यह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी विशाल परिवेश, नर्मदा नदी के बेसिन और विशाल सरदार सरोवर बांध को निहारती है। यह साधु बेट पहाड़ी पर स्थित है, जो 300 मीटर लंबे एक पुल से जुड़ा है, जो मुख्य भूमि से प्रतिमा तक पहुंच प्रदान करता है।

विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ऊंचाई 597 फीट (182 मीटर) है, जो इसे दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाती है। यह प्रतिमा अमेरिका की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से लगभग दोगुनी और चीन की स्प्रिंग टेम्पल बुद्धा प्रतिमा से 40% अधिक ऊंची है। 182 मीटर की ऊंचाई गुजरात विधानसभा की कुल 182 सीटों की संख्या का प्रतीक है। इस भव्य प्रतिमा को पद्म भूषण पुरस्कार विजेता मूर्तिकार राम वी. सुतार ने डिज़ाइन किया है, जिन्होंने 50 से अधिक स्मारक तैयार किए हैं। प्रतिमा में सरदार पटेल को धोती और शॉल में दर्शाया गया है, जो नर्मदा नदी के किनारे दृढ़ता और विनम्रता के साथ दूर क्षितिज की ओर देख रहे हैं।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में एक म्यूजियम भी मौजूद है।

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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में एक म्यूजियम भी मौजूद है।

निर्माण और लागत

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण 3.5 वर्षों में पूरा हुआ। इसकी शुरुआत 2014 में हुई और यह 2018 में बनकर तैयार हुई। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी प्रतिमा के निर्माण पर लगभग ₹3,000 करोड़ (लगभग $400-450 मिलियन) की लागत आई। परियोजना में 300 इंजीनियरों और 3,400 से अधिक श्रमिकों ने काम किया। इसके निर्माण में 70,000 टन सीमेंट, 25,000 टन स्टील और लगभग 1,700 टन वज़न के 12,000 कांस्य पैनल का उपयोग किया गया। प्रतिमा के आधार में 129 टन कबाड़ लोहे का भी प्रयोग किया गया, जिसे देश भर के 10 करोड़ किसानों ने 'एकता के लिए लोहा' अभियान के तहत दान किया था। प्रतिमा का निर्माण लार्सन एंड टूब्रो यानी L&T और सरकारी उपक्रम सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड ने किया, जबकि कांस्य की परत चढ़ाने का कार्य चीन की जियांग्सी टोक्वाइन कंपनी ने किया।

प्रतिमा के अन्दर ऊपरी हिस्से में बाहर देखने के लिए विंडो भी बने हैं।

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प्रतिमा के अन्दर ऊपरी हिस्से में बाहर देखने के लिए विंडो भी बने हैं।

मजबूती और स्थायित्व

यह प्रतिमा एक तीन-परतों वाली संरचना है। इसे 60 मीटर प्रति सेकंड की तेज हवा की गति और 6.5 रिक्टर स्केल तक के भूकंप को सहन करने के लिए डिजाइन किया गया है। समय के साथ, अगले 100 वर्षों में, प्रतिमा का रंग कांस्य से हरा हो जाएगा, जो एक प्राकृतिक ऑक्सीकरण प्रक्रिया है। यह प्रतिमा नर्मदा नदी और सरदार सरोवर बांध के पास स्थित है, जिसके दोनों ओर विंध्य और सतपुड़ा पर्वत शृंखलाएं हैं। पूरा स्मारक परिसर लगभग 20,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और इसके चारों ओर एक कृत्रिम झील बनाई गई है। प्रतिमा के अंदर स्थित एक आंतरिक संग्रहालय भी मौजूद है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की टाइमिंग कर लें नोट

अगर आप स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की प्लानिंग कर रहे हैं तो वहां की टाइमिंग को जान लेना जरूरी है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सुबह 8 बजे ओपन होता है और शाम 6 बजे बंद हो जाता है। सोमवार को यह पूरी तरह बंद रहता है। स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी पर लेज़र तकनीक से प्रक्षेपित एक लाइट एंड साउंड शो सोमवार को छोड़कर हर शाम 7 बजे आयोजित किया जाता है। रंगीन लेज़र लाइटिंग सिस्टम के साथ सरदार पटेल के इतिहास और जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान और भारत के एक राष्ट्र के रूप में एकीकरण का उत्कृष्ट वर्णन प्रस्तुत किया जाता है।

इस भव्य प्रतिमा को पद्म भूषण पुरस्कार विजेता मूर्तिकार राम वी. सुतार ने डिज़ाइन किया है।

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इस भव्य प्रतिमा को पद्म भूषण पुरस्कार विजेता मूर्तिकार राम वी. सुतार ने डिज़ाइन किया है।

ऑनलाइन बुक करा सकते हैं टिकट

पर्यटक अपनी पसंद का समय और दिन चुनकर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की आधिकारिक वेबसाइट “https://statueofunity.in/” पर टिकट बुक कर सकते हैं, या सीधे वेबसाइट पर खरीद सकते हैं। सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय एकता ट्रस्ट द्वारा एसओयू की ऑनलाइन टिकट बुकिंग का प्रबंधन किया जाता है।

वहां कैसे पहुंचें

अगर आप चाहें तो सड़क मार्ग से भी वहां पहुंच सकते है। NH8 वडोदरा से होकर गुजरता है, जिससे यह सड़क मार्ग से भी अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यह प्रतिमा शहर से लगभग 90 किमी दूर केवड़िया नामक एक छोटे से कस्बे (वास्तविक स्थल से 3.5 किमी) के पास स्थित है। रेल मार्ग की बात करें तो वडोदरा व्यस्त मुंबई-दिल्ली पश्चिम रेलवे मेनलाइन पर स्थित है और शताब्दी और राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। अगर आप हवाई मार्ग चुनते हैं तो वडोदरा हवाई अड्डा निकटतम (90 किमी) हवाई अड्डा है जो अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

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