सोशल मीडिया पर एक ग्राफिक शेयर हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के सोशल मीडिया कार्यकर्ता उनके 5 किलो राशन पर पल रहे हैं। इस ग्राफिक पर NDTV PowerPlay का लोगो भी दिखाई दे रहा है। हालांकि फैक्ट चेक की जांच में वायरल दावा भ्रामक साबित हुआ। हमारी पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ कि अमित शाह ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया, जैसा वायरल ग्राफिक में दिखाया गया है। एनडीटीवी ने भी इस ग्राफिक को फर्जी बताते हुए इसका खंडन किया है।
क्या हो रहा है वायरल?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने 3 नवंबर 2025 को वायरल ग्राफिक को शेयर करते हुए लिखा, “अब इस पर क्या कहेंगे सोशल मीडिया वाले अपनी मेहनत से सोशल मीडिया पर कामयाब हो रहे है या अमित शाह के 5 किलो राशन पर जी रहे हैं"। वहीं, एक अन्य यूजर ने इंस्टाग्राम पर 3 नवंबर 2025 को समान दावे के साथ वायरल ग्राफिक को शेयर किया है।

पड़ताल:
वायरल दावे की सच्चाई जांचने के लिए हमने अमित शाह के कथित बयान से जुड़े कीवर्ड्स सर्च किए, लेकिन हमें किसी भी विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट में इस तरह के बयान का उल्लेख नहीं मिला। हमें एनडीटीवी के सोशल मीडिया हैंडल पर अमित शाह के कई अन्य बयानों से जुड़े ग्राफिक मिले, लेकिन वायरल दावा वाला ग्राफिक वहां नहीं मिला। तुलना करने पर यह स्पष्ट हुआ कि एनडीटीवी के असली ग्राफिक्स के फॉन्ट, रंग और डिज़ाइन वायरल ग्राफिक से बिल्कुल अलग हैं। इससे साफ होता है कि वायरल ग्राफिक छेड़छाड़ कर बनाया गया है। नीचे एनडीटीवी के एक्स हैंडल पर शेयर किया गया असली ग्राफिक देखा जा सकता है।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने एनडीटीवी के यूट्यूब चैनल पर 1 नवंबर 2025 को प्रसारित अमित शाह का पूरा इंटरव्यू देखा। इस बातचीत के दौरान गृहमंत्री ने एंकर राहुल कंवल के सवालों का जवाब देते हुए बिहार में घुसपैठ, आर्थिक अपराध, विधानसभा चुनाव और तेजस्वी यादव के वादों जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। लेकिन पूरे इंटरव्यू में उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया, जैसा वायरल ग्राफिक में दावा किया गया है।
हमारी पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ कि अमित शाह ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया, जैसा वायरल ग्राफिक में दिखाया गया है। एनडीटीवी ने भी इस ग्राफिक को फर्जी बताते हुए इसका खंडन किया है।
फैक्ट चेक में क्या निकला?
फैक्ट चेक की जांच में यह वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। हमारी पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ कि अमित शाह ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया, जैसा वायरल ग्राफिक में दिखाया गया है। एनडीटीवी ने भी इस ग्राफिक को फर्जी बताते हुए इसका खंडन किया है। (इनपुट- भाषा)