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द टाइगर स्पीक: हमारी गिनती काफी नहीं हमारे घर भी बचाओ

Written By: India TV News Desk
Published : Mar 04, 2016 03:32 pm IST,  Updated : Mar 04, 2016 03:51 pm IST
बाघ का नाम सुनते ही आंखों के सामने एक खतरनाक नरभक्षी का खौफनाक चेहरा घूम जाता है। लेकिन वरिष्ठ कार्टूनिस्ट हरिओम तिवारी के कार्टून्स को देखने के बाद बाघों के प्रति आपकी यह डरावनी धारणा बदल सकती है।
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बाघ का नाम सुनते ही आंखों के सामने एक खतरनाक नरभक्षी का खौफनाक चेहरा घूम जाता है। लेकिन वरिष्ठ कार्टूनिस्ट हरिओम तिवारी के कार्टून्स को देखने के बाद बाघों के प्रति आपकी यह डरावनी धारणा बदल सकती है।
 उनके कार्टून्स का एग्जिविशन द टाइगर स्पीक आईटीओ स्थित प्यारेलाल भवन में 3-5 मार्च तक आयोजित है। इसका उद्घाटन भारतीय खान एवं इस्पात मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया।
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उनके कार्टून्स का एग्जिविशन द टाइगर स्पीक आईटीओ स्थित प्यारेलाल भवन में 3-5 मार्च तक आयोजित है। इसका उद्घाटन भारतीय खान एवं इस्पात मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया।
हरिओम तिवारी ने अपने कार्टून्स में बाघों की कई समस्याओं को चित्रित किया है। ये कार्टून्स खूब हंसाते भी है और सोचने के लिए मजबूर करते हैं।
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हरिओम तिवारी ने अपने कार्टून्स में बाघों की कई समस्याओं को चित्रित किया है। ये कार्टून्स खूब हंसाते भी है और सोचने के लिए मजबूर करते हैं।
इन कार्टून्स में बाघ कई कैरेक्टर में सामने आते हैं। जैसे अपने लिए तमाशा दिखाने वाले से नौकरी मांगना।
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इन कार्टून्स में बाघ कई कैरेक्टर में सामने आते हैं। जैसे अपने लिए तमाशा दिखाने वाले से नौकरी मांगना।
एक बाघ होटलवाले से कह रहा है कि वह शाकाहारी हो गया है, उसे एक वेज थाली चाहिए।
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एक बाघ होटलवाले से कह रहा है कि वह शाकाहारी हो गया है, उसे एक वेज थाली चाहिए।
एक टाइगर अपने भविष्य के बारें में इतना चिंतित है। जिसके कारण अपने बच्चों के भविष्य के लिए लाइफ इंशोरेंस कराने के लिए अधिकारी से निवेदन करता हुआ।
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एक टाइगर अपने भविष्य के बारें में इतना चिंतित है। जिसके कारण अपने बच्चों के भविष्य के लिए लाइफ इंशोरेंस कराने के लिए अधिकारी से निवेदन करता हुआ।
इनमें गलियों, दुकानों में भीख मांगते बाघ हैं तो कुछ बाघ शहर में किराए का मकान खोज रहे हैं।
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इनमें गलियों, दुकानों में भीख मांगते बाघ हैं तो कुछ बाघ शहर में किराए का मकान खोज रहे हैं।
भारत में लुप्त होते बाघों को बचाने की कोशिश कई सालों से की जा रही है। कार्टूनिस्ट हरिओम तिवारी का कहना है कि मीडिया में अक्सर खबरें आती रहती हैं बाघ रिहाइशी इलाकों में घुस आते हैं। इन्हीं समस्याओं ने मुझे बाघों पर काम करने को प्रेरित किया।
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भारत में लुप्त होते बाघों को बचाने की कोशिश कई सालों से की जा रही है। कार्टूनिस्ट हरिओम तिवारी का कहना है कि मीडिया में अक्सर खबरें आती रहती हैं बाघ रिहाइशी इलाकों में घुस आते हैं। इन्हीं समस्याओं ने मुझे बाघों पर काम करने को प्रेरित किया।
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