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पार्किंसंस, अल्जाइमर और डिमेंशिया के खतरे को कम करते हैं ये योगाभ्यास

Published : Apr 11, 2025 01:27 pm IST,  Updated : Apr 11, 2025 01:27 pm IST
सूर्य नमस्कार करने से शरीर की कई बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। रोजाना सूर्य नमस्कार करने से दिमाग की बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकत है। इससे पार्किंसंस, डिमेंशिया और अल्जाइमर के खतरे को कम कर सकते हैं।
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सूर्य नमस्कार करने से शरीर की कई बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। रोजाना सूर्य नमस्कार करने से दिमाग की बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकत है। इससे पार्किंसंस, डिमेंशिया और अल्जाइमर के खतरे को कम कर सकते हैं।
भुजंगासन जिसे कोबरा पोज कहते हैं, शरीर के लिए बहुत अच्छा योगाभ्यास है। रोजाना कुछ देर भुजंगासन करने से पार्किंसंस के खतरे को कम किया जा सकता है। इससे शरीर में गुड हार्मोंस बढ़ते हैं और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होगा। इससे मस्तिष्क के तंत्र, नाड़ी तंत्र, स्वसन तंत्र अच्छा हो जाएगा।
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भुजंगासन जिसे कोबरा पोज कहते हैं, शरीर के लिए बहुत अच्छा योगाभ्यास है। रोजाना कुछ देर भुजंगासन करने से पार्किंसंस के खतरे को कम किया जा सकता है। इससे शरीर में गुड हार्मोंस बढ़ते हैं और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होगा। इससे मस्तिष्क के तंत्र, नाड़ी तंत्र, स्वसन तंत्र अच्छा हो जाएगा।
ताड़ासन करने से दिमाग की बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। आपको रोजाना कुछ मिनट के लिए तोड़ासन जरूर करना चाहिए। इससे पार्किंसंस की बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। ताड़ासन की अलग-अलग मुद्राएं आप कर सकते हैं।
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ताड़ासन करने से दिमाग की बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। आपको रोजाना कुछ मिनट के लिए तोड़ासन जरूर करना चाहिए। इससे पार्किंसंस की बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। ताड़ासन की अलग-अलग मुद्राएं आप कर सकते हैं।
रोजाना 5 मिनट की पावर याग करने से भी पार्किंसंस, अल्जाइमर और डिमेंशिया के खतरे को कम किया जा सकता है। इसमें भुजंगासन, चक्रासन और एक जगह पर ही हल्की वॉक जैसे योगाभ्यास शामिल किए जा सकते हैं।
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रोजाना 5 मिनट की पावर याग करने से भी पार्किंसंस, अल्जाइमर और डिमेंशिया के खतरे को कम किया जा सकता है। इसमें भुजंगासन, चक्रासन और एक जगह पर ही हल्की वॉक जैसे योगाभ्यास शामिल किए जा सकते हैं।
उत्तानपादासन करने से दिमाग को मजबूत बनाया जा सकता है। इस योगाभ्यास को करने से पेट की बीमारियों जैसे कब्ज और खराब पाचन को ठीक किया जा सकता है। पैरों में होने वाले दर्द, झनझनाहट को भी कम किया जा सकता है। बुढ़ापे की बीमारी पार्किंसंस और अल्जाइमर के खतरे को दूर कर सकते हैं।
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उत्तानपादासन करने से दिमाग को मजबूत बनाया जा सकता है। इस योगाभ्यास को करने से पेट की बीमारियों जैसे कब्ज और खराब पाचन को ठीक किया जा सकता है। पैरों में होने वाले दर्द, झनझनाहट को भी कम किया जा सकता है। बुढ़ापे की बीमारी पार्किंसंस और अल्जाइमर के खतरे को दूर कर सकते हैं।
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