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माइग्रेन अटैक से बचने के लिए इन बातों का रखें ख्याल, कम होगा सिरदर्द

Published : Sep 17, 2025 03:51 pm IST,  Updated : Sep 17, 2025 03:51 pm IST
माइग्रेन का दर्द रहता है तो अनियमित खानपान से बचें। इससे ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव आता है, जिससे सिरदर्द हो सकता है। प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट से भरपूर खाना खाएं। इससे माइग्रेन अटैक को कम किया जा सकता है।
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माइग्रेन का दर्द रहता है तो अनियमित खानपान से बचें। इससे ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव आता है, जिससे सिरदर्द हो सकता है। प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट से भरपूर खाना खाएं। इससे माइग्रेन अटैक को कम किया जा सकता है।
कैफीन की थोड़ी मात्रा आपको राहत दे सकती है, लेकिन ज़्यादा सेवन या इसे छोड़ने से माइग्रेन हो सकता है। इसी तरह एमएसजी, नाइट्रेट्स या कृत्रिम मिठास वाला प्रोसेस्ड फूड खाने से बचना चाहिए। इससे माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है।
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कैफीन की थोड़ी मात्रा आपको राहत दे सकती है, लेकिन ज़्यादा सेवन या इसे छोड़ने से माइग्रेन हो सकता है। इसी तरह एमएसजी, नाइट्रेट्स या कृत्रिम मिठास वाला प्रोसेस्ड फूड खाने से बचना चाहिए। इससे माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है।
मैग्नीशियम की कमी से माइग्रेन के दौरे बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। अपने ऑफिस के खाने या नाश्ते में मेवे, बीज, पालक, एवोकाडो और साबुत अनाज शामिल करें ताकि यह जोखिम स्वाभाविक रूप से कम हो।
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मैग्नीशियम की कमी से माइग्रेन के दौरे बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। अपने ऑफिस के खाने या नाश्ते में मेवे, बीज, पालक, एवोकाडो और साबुत अनाज शामिल करें ताकि यह जोखिम स्वाभाविक रूप से कम हो।
कम पानी पीना और डिहाइड्रेशन माइग्रेन के सबसे आम कारणों में से एक है। अपनी टेबल पर पानी की बोतल रखें और नियमित रूप से घूंट-घूंट करके पिएं। हर्बल टी या नारियल पानी भी हाइड्रेटेड रहने के अच्छे विकल्प हैं।
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कम पानी पीना और डिहाइड्रेशन माइग्रेन के सबसे आम कारणों में से एक है। अपनी टेबल पर पानी की बोतल रखें और नियमित रूप से घूंट-घूंट करके पिएं। हर्बल टी या नारियल पानी भी हाइड्रेटेड रहने के अच्छे विकल्प हैं।
तेज फ्लोरोसेंट रोशनी और स्क्रीन की चकाचौंध अक्सर माइग्रेन का कारण बनती है। जब भी संभव हो, नेचुरल लाइट में रहं। गर्म एलईडी बल्ब वाले डेस्क लैंप का इस्तेमाल करें। अपनी स्क्रीन को ऐसी जगह पर रखना भी फायदेमंद हो सकता है जहां से ब्राइटनेस कम हो।
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तेज फ्लोरोसेंट रोशनी और स्क्रीन की चकाचौंध अक्सर माइग्रेन का कारण बनती है। जब भी संभव हो, नेचुरल लाइट में रहं। गर्म एलईडी बल्ब वाले डेस्क लैंप का इस्तेमाल करें। अपनी स्क्रीन को ऐसी जगह पर रखना भी फायदेमंद हो सकता है जहां से ब्राइटनेस कम हो।
काम के दौरान स्क्रीन पर ज़्यादा समय बिताना ज़रूरी है, लेकिन आप अपने कमरे की रोशनी के अनुसार मॉनिटर की ब्राइटनेस को एडजस्ट करके आंखों के तनाव को कम कर सकते हैं। एंटी-ग्लेयर स्क्रीन प्रोटेक्टर और ब्लू-लाइट फ़िल्टरिंग ग्लास फ़ायदेमंद हो सकते हैं।
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काम के दौरान स्क्रीन पर ज़्यादा समय बिताना ज़रूरी है, लेकिन आप अपने कमरे की रोशनी के अनुसार मॉनिटर की ब्राइटनेस को एडजस्ट करके आंखों के तनाव को कम कर सकते हैं। एंटी-ग्लेयर स्क्रीन प्रोटेक्टर और ब्लू-लाइट फ़िल्टरिंग ग्लास फ़ायदेमंद हो सकते हैं।
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