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साइकिल चलाना या दौड़ लगाना, मोटापा किससे होगा जल्दी कम?

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Nov 20, 2025 10:34 pm IST,  Updated : Nov 20, 2025 10:51 pm IST
अगर आप भी अपना वजन तेजी से कम करना चाहते हैं। लेकिन अगर सोच रहे हैं कि मोटापा साइकिल चलाकर या फिर दौड़ लगाकर कैसे कम होगा? तो हम बता दें, ये दोनों ही शानदार कार्डियो एक्सरसाइज़ हैं। लेकिन किसे करने से कैलोरी तेजी से बर्न ज़्यादा होती है? किससे फैट जल्दी कम होता है? और किसे चुनना आपके लिए बेहतर रहेगा? चलिए इस लेख के ज़रिए बताते हैं।
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अगर आप भी अपना वजन तेजी से कम करना चाहते हैं। लेकिन अगर सोच रहे हैं कि मोटापा साइकिल चलाकर या फिर दौड़ लगाकर कैसे कम होगा? तो हम बता दें, ये दोनों ही शानदार कार्डियो एक्सरसाइज़ हैं। लेकिन किसे करने से कैलोरी तेजी से बर्न ज़्यादा होती है? किससे फैट जल्दी कम होता है? और किसे चुनना आपके लिए बेहतर रहेगा? चलिए इस लेख के ज़रिए बताते हैं।
रनिंग करने से साइकिल चलाने की तुलना में अधिक कैलोरी बर्न होती है। इसका कारण यह है कि दौड़ते समय पूरे शरीर को अपने वजन को सहारा देना पड़ता है जिससे अधिक ऊर्जा खर्च होती है। इसलिए, रनिंग फैट को तेजी से कम करने में मदद करता है। रनिंग में प्रति घंटे 500 से 900 कैलोरी तक बर्न हो सकती है। वहीं साइकिलिंग में प्रति घंटे 400 से 700 कैलोरी तक बर्न हो सकती है। तो अगर आपका पहला लक्ष्य फैट जल्दी कम करना है तो रनिंग आपके लिए बेहतर विकल्प है।
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रनिंग करने से साइकिल चलाने की तुलना में अधिक कैलोरी बर्न होती है। इसका कारण यह है कि दौड़ते समय पूरे शरीर को अपने वजन को सहारा देना पड़ता है जिससे अधिक ऊर्जा खर्च होती है। इसलिए, रनिंग फैट को तेजी से कम करने में मदद करता है। रनिंग में प्रति घंटे 500 से 900 कैलोरी तक बर्न हो सकती है। वहीं साइकिलिंग में प्रति घंटे 400 से 700 कैलोरी तक बर्न हो सकती है। तो अगर आपका पहला लक्ष्य फैट जल्दी कम करना है तो रनिंग आपके लिए बेहतर विकल्प है।
साइकिलिंग एक लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज़ है। इसे करने से घुटनों, टखनों और कमर पर कम दबाव पड़ता है। इसे लंबे समय तक कर पाना आसान है। अगर आपका वजन ज्यादा है, घुटनों में दर्द है, या रनिंग शुरू करने में मुश्किल लग रहा है, तो आपके लिए साइकिलिंग एक बेहतर विकल्प है।
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साइकिलिंग एक लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज़ है। इसे करने से घुटनों, टखनों और कमर पर कम दबाव पड़ता है। इसे लंबे समय तक कर पाना आसान है। अगर आपका वजन ज्यादा है, घुटनों में दर्द है, या रनिंग शुरू करने में मुश्किल लग रहा है, तो आपके लिए साइकिलिंग एक बेहतर विकल्प है।
वहीं, कई लोगों को दौड़ने में थकावट और शरीर पर ज़्यादा इम्पैक्ट महसूस होता है, जबकि साइकिलिंग मज़ेदार और आरामदायक हो सकती है। लंबे समय तक चलने वाली कसरत से ही वजन घटता है, और साइकिल चलाने से आपको इसे लंबे समय तक जारी रखने में मदद मिल सकती है।
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वहीं, कई लोगों को दौड़ने में थकावट और शरीर पर ज़्यादा इम्पैक्ट महसूस होता है, जबकि साइकिलिंग मज़ेदार और आरामदायक हो सकती है। लंबे समय तक चलने वाली कसरत से ही वजन घटता है, और साइकिल चलाने से आपको इसे लंबे समय तक जारी रखने में मदद मिल सकती है।
यानी दोनों ही एक्सरसाइज़ शानदार हैं। लेकिन अगर आपको जल्दी कैलोरी बर्न करनी है, फैट जल्दी कम करना है। आपका फिटनेस लेवल ठीक-ठाक है। घुटनों में दर्द नहीं है तो आप रनिंग करें। अगर आपका वजन बहुत ज्यादा है। जॉइंट्स में हमेशा दर्द रहता है। लंबे सेशन करना चाहते हैं तो साइकिलिंग का चुनाव करें।
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यानी दोनों ही एक्सरसाइज़ शानदार हैं। लेकिन अगर आपको जल्दी कैलोरी बर्न करनी है, फैट जल्दी कम करना है। आपका फिटनेस लेवल ठीक-ठाक है। घुटनों में दर्द नहीं है तो आप रनिंग करें। अगर आपका वजन बहुत ज्यादा है। जॉइंट्स में हमेशा दर्द रहता है। लंबे सेशन करना चाहते हैं तो साइकिलिंग का चुनाव करें।
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