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यूरिक एसिड बढ़ने से शरीर में क्या परेशानी होती है बता रहे हैं एक्सपर्ट, जानें कैसे करें अपना बचाव?

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Apr 25, 2025 01:23 pm IST,  Updated : Apr 25, 2025 01:23 pm IST
यूरिक एसिड शरीर में एक सामान्य वेस्ट प्रोडक्ट है जो प्यूरिन्स नामक तत्व के टूटने से बनता है। प्यूरिन्स हमारे शरीर में स्वाभाविक रूप से बनते हैं और कुछ खाद्य पदार्थों जैसे रेड मीट, सी-फूड, बीयर, और कुछ दालों में भी पाए जाते हैं। सामान्य स्थिति में, हमारी किडनी यूरिक एसिड को रक्त से छानकर मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर निकाल देती है।
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यूरिक एसिड शरीर में एक सामान्य वेस्ट प्रोडक्ट है जो प्यूरिन्स नामक तत्व के टूटने से बनता है। प्यूरिन्स हमारे शरीर में स्वाभाविक रूप से बनते हैं और कुछ खाद्य पदार्थों जैसे रेड मीट, सी-फूड, बीयर, और कुछ दालों में भी पाए जाते हैं। सामान्य स्थिति में, हमारी किडनी यूरिक एसिड को रक्त से छानकर मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर निकाल देती है।
लेकिन जब शरीर अधिक मात्रा में यूरिक एसिड बनाने लगता है, या हम बार-बार ऐसे खाद्य पदार्थ और पेय का सेवन करते हैं जिनमें प्यूरिन की मात्रा अधिक होती है, या फिर किडनी अपना कार्य सुचारू रूप से नहीं कर पाती तो यूरिक एसिड का स्तर शरीर में बढ़ने लगता है। ऐसे में पीएसआरआई अस्पताल में स्थित एसोसिएट डायरेक्टर यूरोलॉजी डॉ. प्रशांत जैन बता रहे हैं कि जब शरीर में यूरिक एसिड बढ़ता है तब क्या परेशानी होती है और बचाव के लिए क्या करना चाहिए?
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लेकिन जब शरीर अधिक मात्रा में यूरिक एसिड बनाने लगता है, या हम बार-बार ऐसे खाद्य पदार्थ और पेय का सेवन करते हैं जिनमें प्यूरिन की मात्रा अधिक होती है, या फिर किडनी अपना कार्य सुचारू रूप से नहीं कर पाती तो यूरिक एसिड का स्तर शरीर में बढ़ने लगता है। ऐसे में पीएसआरआई अस्पताल में स्थित एसोसिएट डायरेक्टर यूरोलॉजी डॉ. प्रशांत जैन बता रहे हैं कि जब शरीर में यूरिक एसिड बढ़ता है तब क्या परेशानी होती है और बचाव के लिए क्या करना चाहिए?
जब शरीर में यूरिक एसिड बढ़ता है तब इस स्थिति को हाइपरयूरिसीमिया कहते हैं। हाइपरयूरिसीमिया के कारण कई प्रकार की शारीरिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। सबसे सामान्य लक्षणों में से एक है जोड़ों में सूजन और दर्द, विशेषकर पैर के अंगूठे में। यह स्थिति आगे चलकर गठिया का रूप ले सकती है। इसके अतिरिक्त, जब यूरिक एसिड का स्तर लंबे समय तक अधिक बना रहता है, तो यह किडनी में क्रिस्टल्स के रूप में जमने लगता है, जो बाद में पथरी का कारण बन सकते हैं।
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जब शरीर में यूरिक एसिड बढ़ता है तब इस स्थिति को हाइपरयूरिसीमिया कहते हैं। हाइपरयूरिसीमिया के कारण कई प्रकार की शारीरिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। सबसे सामान्य लक्षणों में से एक है जोड़ों में सूजन और दर्द, विशेषकर पैर के अंगूठे में। यह स्थिति आगे चलकर गठिया का रूप ले सकती है। इसके अतिरिक्त, जब यूरिक एसिड का स्तर लंबे समय तक अधिक बना रहता है, तो यह किडनी में क्रिस्टल्स के रूप में जमने लगता है, जो बाद में पथरी का कारण बन सकते हैं।
कई बार ये क्रिस्टल्स मूत्रनली में फंस जाते हैं जिससे पेशाब में तेज़ दर्द, जलन और यहां तक कि रक्त भी आ सकता है। यदि यह स्थिति लगातार बनी रहती है तो क्रॉनिक किडनी डिज़ीज का खतरा भी काफी बढ़ जाता है, क्योंकि यूरिक एसिड की अधिकता से किडनी पर निरंतर दबाव पड़ता है और उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है।
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कई बार ये क्रिस्टल्स मूत्रनली में फंस जाते हैं जिससे पेशाब में तेज़ दर्द, जलन और यहां तक कि रक्त भी आ सकता है। यदि यह स्थिति लगातार बनी रहती है तो क्रॉनिक किडनी डिज़ीज का खतरा भी काफी बढ़ जाता है, क्योंकि यूरिक एसिड की अधिकता से किडनी पर निरंतर दबाव पड़ता है और उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है।
यूरिक एसिड कंट्रोल करने का सबसे पहला कदम है अपने खानपान पर नियंत्रण। ऐसे खाद्य पदार्थों से बचें जिनमें प्यूरिन की मात्रा अधिक हो। अधिक से अधिक पानी पिएं ताकि यूरिक एसिड मूत्र के द्वारा आसानी से बाहर निकल सके। अल्कोहल और मीठे पेयों से दूरी बनाए रखें। नियमित व्यायाम करें और वजन को नियंत्रित रखें, क्योंकि मोटापा भी यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकता है। समय-समय पर रक्त जांच कराते रहें ताकि यूरिक एसिड के स्तर की निगरानी की जा सके।
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यूरिक एसिड कंट्रोल करने का सबसे पहला कदम है अपने खानपान पर नियंत्रण। ऐसे खाद्य पदार्थों से बचें जिनमें प्यूरिन की मात्रा अधिक हो। अधिक से अधिक पानी पिएं ताकि यूरिक एसिड मूत्र के द्वारा आसानी से बाहर निकल सके। अल्कोहल और मीठे पेयों से दूरी बनाए रखें। नियमित व्यायाम करें और वजन को नियंत्रित रखें, क्योंकि मोटापा भी यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकता है। समय-समय पर रक्त जांच कराते रहें ताकि यूरिक एसिड के स्तर की निगरानी की जा सके।
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