Sunday, March 08, 2026
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माता-पिता पर हावी होने लगती है बच्चे की जिद, तो अपनाएं ये तरीका, बात मानने लगेगा बच्चा

Vanshika Saxena Written By: Vanshika Saxena Published : Jan 20, 2026 08:50 pm IST, Updated : Jan 20, 2026 09:14 pm IST
  • जैसे-जैसे बच्चे उम्र में बड़े होने लगते हैं, वैसे-वैसे उनकी बात मनवाने की कोशिश कब जिद में बदलने लग जाती है, पैरेंट्स इस बात का अंदाजा ही नहीं लगा पाते हैं। अगर आपका बच्चा भी बहुत ज्यादा जिद करने लगा है और आपके ऊपर हावी होने लगता है, तो आपको इस तरीके को जरूर ट्राई करना चाहिए।
    Image Source : FREEPIK
    जैसे-जैसे बच्चे उम्र में बड़े होने लगते हैं, वैसे-वैसे उनकी बात मनवाने की कोशिश कब जिद में बदलने लग जाती है, पैरेंट्स इस बात का अंदाजा ही नहीं लगा पाते हैं। अगर आपका बच्चा भी बहुत ज्यादा जिद करने लगा है और आपके ऊपर हावी होने लगता है, तो आपको इस तरीके को जरूर ट्राई करना चाहिए।
  • अगर आप जानते हैं कि बच्चे की इस जिद को पूरा करना ठीक नहीं है, तो अपनी बात को कॉन्फिडेंस के साथ रखना सीखिए। बच्चे को इस बात का एहसास न होने दें कि अगर वो रोने लगेगा या फिर आपसे बात नहीं करेगा, तो आप हार मान जाएंगे और उसकी जिद को पूरा कर देंगे।
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    अगर आप जानते हैं कि बच्चे की इस जिद को पूरा करना ठीक नहीं है, तो अपनी बात को कॉन्फिडेंस के साथ रखना सीखिए। बच्चे को इस बात का एहसास न होने दें कि अगर वो रोने लगेगा या फिर आपसे बात नहीं करेगा, तो आप हार मान जाएंगे और उसकी जिद को पूरा कर देंगे।
  • कभी-कभी पैरेंट्स अपनी बात का वजन बढ़ाने के लिए अपनी आवाज को बढ़ा देते हैं। आपको ऐसा नहीं करना है वरना बच्चे के अंदर अपनी जिद को पूरा करवाने की बगावत जन्म ले सकती है। आपको बस अपनी बात को आत्मविश्वास के साथ रखना है और बच्चे को उसकी जिद पूरी न करने का जायज कारण बताना है।
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    कभी-कभी पैरेंट्स अपनी बात का वजन बढ़ाने के लिए अपनी आवाज को बढ़ा देते हैं। आपको ऐसा नहीं करना है वरना बच्चे के अंदर अपनी जिद को पूरा करवाने की बगावत जन्म ले सकती है। आपको बस अपनी बात को आत्मविश्वास के साथ रखना है और बच्चे को उसकी जिद पूरी न करने का जायज कारण बताना है।
  • जरूरत पड़ने पर आप अपनी नाराजगी दिखाने के लिए कुछ घंटों तक अपने बच्चे से बातचीत बंद कर दीजिए। जब उसको एहसास होगा कि उसके रूठने से या फिर खाना न खाने से या फिर गुस्सा करने से आपको कई फर्क नहीं पड़ रहा है, वो खुद ही आपके पास आएगा और हो सकता है कि वो अपनी गलती भी मान ले।
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    जरूरत पड़ने पर आप अपनी नाराजगी दिखाने के लिए कुछ घंटों तक अपने बच्चे से बातचीत बंद कर दीजिए। जब उसको एहसास होगा कि उसके रूठने से या फिर खाना न खाने से या फिर गुस्सा करने से आपको कई फर्क नहीं पड़ रहा है, वो खुद ही आपके पास आएगा और हो सकता है कि वो अपनी गलती भी मान ले।
  • इस तरीके को आजमाना शुरू कर दीजिए। महज कुछ ही हफ्तों के अंदर आपको अपने बच्चे के बर्ताव में खुद-ब-खुद पॉजिटिव असर महसूस होने लगेगा। यकीन मानिए इस तरीके की मदद से पैरेंट्स पर बच्चे की इमोशनल डॉमिनेंस को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
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    इस तरीके को आजमाना शुरू कर दीजिए। महज कुछ ही हफ्तों के अंदर आपको अपने बच्चे के बर्ताव में खुद-ब-खुद पॉजिटिव असर महसूस होने लगेगा। यकीन मानिए इस तरीके की मदद से पैरेंट्स पर बच्चे की इमोशनल डॉमिनेंस को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।