देवभूमि उत्तराखंड में एक नहीं पंज केदार हैं, जाने शिव के सबसे ऊंचे मंदिरों के नाम
देवभूमि उत्तराखंड में एक नहीं पंज केदार हैं, जाने शिव के सबसे ऊंचे मंदिरों के नाम
केदारनाथ के कपाट खुलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने के लिए निकल पड़े हैं। अगर आप केदारनाथ जा रहे हैं तो भोलेनाथ के इन चार मंदिरों के दर्शन भी जरूर कर लें। आपको बता दें कि उत्तराखंड में पंच बद्री, पंच केदार, पंच प्रयाग हैं। आइए जाने की पांच केदार कौन-कौन से हैं।
Published : May 06, 2025 09:58 am IST, Updated : May 06, 2025 11:52 am IST
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केदारनाथ- सबसे पहले रुद्रप्रयाग जिले की केदार घाटी में स्थित केदारनाथ मंदिर दुनिया का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। केदारनाथ फिल्म के बाद से यहां जाने के ट्रेंड काफी बढ़ गया है। मंदिर खुलते ही शिव भक्तों की बड़ी संख्या यहां पहुंचने लगती है। भक्त नंगे पैर, लेटकर भोलेनाथ के दर्शन करने पहुंचते हैं।
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तुंगनाथ- तुंगनाथ मंदिर भगवान शिव का एक ऐसा मंदिर है, जो सबसे ऊंचाई पर स्थित है। तुंगनाथ ट्रेक के लिए लोग काफी दूर से आते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पांडवों ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए तुंगनाथ मंदिर का निर्माण किया था।
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मध्यमहेश्वर- भोले बाबा के दर्शन करने के लिए भक्त मध्यमहेश्वर जी के दर्शन जरूर करें। बताया जाता है कि यहां बाबा के दर्शन करने से सबकी मनोकामना पूरी होती है। मध्यमहेश्वर मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में चौखम्बा पर्वत की तलहटी में स्थित है।
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रुद्रनाथ- देवभूमि उत्तराखंड के पंच केदारों में चोथे नंबर पर रुद्रनाथ आता है। यह एक ऐसा शिव मंदिर है जहां भगवान शंकर के मुख के दर्शन होते हैं। कहा जाता है शिव ने वृषभ रूप में पांडवों को रुद्रनाथ धाम में मुख दर्शन दिए थे। रुद्रनाथ धाम चमोली जिले में समुद्रतल से 11,808 की ऊंचाई पर स्थित है।
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कल्पेश्वर- पांचवा है कल्पेश्वर धाम जो चमोली जिले के हेलंग से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कल्पेश्वर मंदिर समुद्र तल से लगभग 2134 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह एक ऐसा शिव मंदिर है जो भक्तों के लिए साल भर खुला रहता है। कल्पेश्वर मंदिर में शिव के जटा रूप की पूजा की जाती है। आप भी इस बार जब केदारनाथ जाएं तो पंच केदार के दर्शन करने न भूलें।