1. Hindi News
  2. गैलरी
  3. मस्ट वाच
  4. ये हैं भारत में स्थित शिव जी के प्रसिद्ध मंदिर, इन चमत्कारिक मंदिरों में जाने से मन्नत पूरी होने की है मान्यता

ये हैं भारत में स्थित शिव जी के प्रसिद्ध मंदिर, इन चमत्कारिक मंदिरों में जाने से मन्नत पूरी होने की है मान्यता

Published : Jul 07, 2023 08:52 am IST,  Updated : Jul 07, 2023 08:52 am IST
सावन महीने की शुरूआत 4 जुलाई दिन मंगलवार से शुरू हो चुकी है। इस बार का सावन का महीना बेहद ही खास है क्योंकि अधिकमास होने की वजह से इस बार सावन पूरे 2 महीने का होगा। इस पूरे महीने भक्तगण महादेव की उपासना में लीन रहते हैं। ऐसे में सावन महीने में अगर आप भारत के कुछ प्रमुख शिव मंदिरों के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं तो आज हम आपके लिए उन मंदिरों की सूची लेकर आए हैं, जहां आप सावन के मौके पर जाने की योजना बना सकते हैं।
1/8 Image Source : PEXELS
सावन महीने की शुरूआत 4 जुलाई दिन मंगलवार से शुरू हो चुकी है। इस बार का सावन का महीना बेहद ही खास है क्योंकि अधिकमास होने की वजह से इस बार सावन पूरे 2 महीने का होगा। इस पूरे महीने भक्तगण महादेव की उपासना में लीन रहते हैं। ऐसे में सावन महीने में अगर आप भारत के कुछ प्रमुख शिव मंदिरों के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं तो आज हम आपके लिए उन मंदिरों की सूची लेकर आए हैं, जहां आप सावन के मौके पर जाने की योजना बना सकते हैं।
उत्तरी कर्नाटक में स्थित मुरुदेश्वर मंदिर भगवान शिव की दूसरी सबसे ऊंची प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है जो तीनों तरफ से अरब सागर से घिरा हुआ है। इस मंदिर के पास एक 20 मंजिला गोपुरा बनाया गया है जो भगवान शिव को समर्पित है। यह 249 फुट लंबा दुनिया का सबसे बड़ा गोपुरा माना जाता है।
2/8 Image Source : twitter/ @southtourism_in
उत्तरी कर्नाटक में स्थित मुरुदेश्वर मंदिर भगवान शिव की दूसरी सबसे ऊंची प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है जो तीनों तरफ से अरब सागर से घिरा हुआ है। इस मंदिर के पास एक 20 मंजिला गोपुरा बनाया गया है जो भगवान शिव को समर्पित है। यह 249 फुट लंबा दुनिया का सबसे बड़ा गोपुरा माना जाता है।
 महाराष्ट्र के औरंगाबाद की एलोरा की गुफाओं में स्थित कैलाश मंदिर भारत के सबसे बेहतरीन शिव मंदिरों में से एक है। यह एलोरा में मौजूद 34 मंदिरों का एक हिस्सा है,और यह देश का सबसे बड़ा रॉक-कट मंदिर है। 276 फीट लंबे और 154 फीट चौड़े इस मंदिर की खासियत ये है कि इसे केवल एक ही चट्टान को काटकर बनाया गया है।
3/8 Image Source : twitter/ @IndianDiplomacy
महाराष्ट्र के औरंगाबाद की एलोरा की गुफाओं में स्थित कैलाश मंदिर भारत के सबसे बेहतरीन शिव मंदिरों में से एक है। यह एलोरा में मौजूद 34 मंदिरों का एक हिस्सा है,और यह देश का सबसे बड़ा रॉक-कट मंदिर है। 276 फीट लंबे और 154 फीट चौड़े इस मंदिर की खासियत ये है कि इसे केवल एक ही चट्टान को काटकर बनाया गया है।
उत्तराखंड, हिमालय की गोद में स्थित केदारनाथ धाम बारह ज्योतिर्लिगों में से एक है। ये चार धाम और पंच केदार में से एक माना जाता है। पत्‍थरों से बने कत्यूरी शैली से बने इस मन्दिर को पांडव वंश के जनमेजय ने कराया था। सावन के मौके पर इस मंदिर में शिव भक्तों की काफी संख्या में भीड़ देखने को मिलती है।
4/8 Image Source : PEXELS
उत्तराखंड, हिमालय की गोद में स्थित केदारनाथ धाम बारह ज्योतिर्लिगों में से एक है। ये चार धाम और पंच केदार में से एक माना जाता है। पत्‍थरों से बने कत्यूरी शैली से बने इस मन्दिर को पांडव वंश के जनमेजय ने कराया था। सावन के मौके पर इस मंदिर में शिव भक्तों की काफी संख्या में भीड़ देखने को मिलती है।
 लिंगराज मंदिर ओडिशा प्रांत की राजधानी भुवनेश्वर में स्थित है। यह मंदिर भारत के सबसे प्राचीन और अद्भुत मंदिरों में से एक माना जाता है। इस मंदिर में भगवान शिव और विष्णु जी की भी पूजा की जाती है।
5/8 Image Source : Twitter/ @Itishree001
लिंगराज मंदिर ओडिशा प्रांत की राजधानी भुवनेश्वर में स्थित है। यह मंदिर भारत के सबसे प्राचीन और अद्भुत मंदिरों में से एक माना जाता है। इस मंदिर में भगवान शिव और विष्णु जी की भी पूजा की जाती है।
अमरनाथ गुफा भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार यहीं पर भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था।
6/8 Image Source : TWITTER/@amarnathjiyatra
अमरनाथ गुफा भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार यहीं पर भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था।
झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह विश्व का इकलौता ऐसा शिव मंदिर है जहां पर शिव और शक्ति एक साथ विराजमान हैं। ऐसी मान्यता है कि जब बाबा भोले के भक्त इस मंदिर में सावन में कांवर लेकर आते हैं तो उन्हें शिव और शक्ति दोनों का आशीर्वाद मिलता है।
7/8 Image Source : TWITTER
झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह विश्व का इकलौता ऐसा शिव मंदिर है जहां पर शिव और शक्ति एक साथ विराजमान हैं। ऐसी मान्यता है कि जब बाबा भोले के भक्त इस मंदिर में सावन में कांवर लेकर आते हैं तो उन्हें शिव और शक्ति दोनों का आशीर्वाद मिलता है।
 महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन भगवान शिव के 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक है। यह ज्योतिर्लिंग मंदिर उन पवित्र शिव मंदिरों में से एक है जहां आप इस सावन पर जा सकते हैं। शिप्रा नदी के तट पर स्थित इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि इस मंदिर में लिंग का निर्माण अपनी इच्छानुसार हुआ है। इस मंदिर का एक अन्य आकर्षण दक्षिणमुखी लिंग है, जो केवल महाकाल में मौजूद है।
8/8 Image Source : Twitter/ @ujjainmahakal
महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन भगवान शिव के 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक है। यह ज्योतिर्लिंग मंदिर उन पवित्र शिव मंदिरों में से एक है जहां आप इस सावन पर जा सकते हैं। शिप्रा नदी के तट पर स्थित इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि इस मंदिर में लिंग का निर्माण अपनी इच्छानुसार हुआ है। इस मंदिर का एक अन्य आकर्षण दक्षिणमुखी लिंग है, जो केवल महाकाल में मौजूद है।
Advertisement