गांधीनगर : जी20 प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक में NIFT गांधीनगर द्वारा एक अद्भुत वस्त्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शनी 'आयुर्वस्त्र - निरामयपंथ' के थीम पर आधारित थी। NIFT गांधीनगर के निदेशक प्रोफेसर डॉ. समीर सूद के मुताबिक इस डिजाइन कलेक्शन शो का नाम निरामयपंथ दिया गया। यह 60 हस्तनिर्मित पहनावे का एक कलेक्शन है जो आयुर्वस्त्रम के तहत भारतीय ज्ञान की हजारों वर्षों की भावना को प्रदर्शित करता है। किसी की पवित्रता और खुशहाली के लिए कपड़े और पहनावे भारतीय चिंतन का अभिन्न अंग रहे हैं। ऐसा प्राचीन वैदिक ग्रंथों में भी कहा गया है। खास तौर से हिरण्यकेशी गृह्य सूत्र के उपनयन (नए परिधान) भाग में जहां एक शिक्षक अपने छात्र को कपड़े प्रदान करता है।
हजारों वर्षों से जीवन का समग्र दृष्टिकोण भारतीय विचारों और भारतीय जीवनशैली में अंतर्निहित है। इसकी झलक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण 'मिशन लाइफ - पर्यावरण के लिए जीवन शैली' में भी मिलती है। यहां, निरामया (बीमारी से मुक्त) होना अनिवार्य रूप से अपने स्वयं के पर्यावरण (संपूर्ण होना) के साथ एकता में होना है। जहां स्वस्थ जीवन को विकसित करने के लिए हर व्यक्ति के कार्य में प्रकृति और धरती मां की रक्षा करना, पोषण करना और उसके साथ सामंजस्य स्थापित करना शामिल है। प्रकृति का पोषण करना और बदले में प्रकृति द्वारा पोषित होना (प्रकृति:रक्षितरिक्षता)।
निफ्ट गांधीनगर के निदेशक प्रोफेसर डॉ. समीर सूद ने बताया कि कपड़ा न केवल किसी के शरीर की रक्षा और पोषण करता है बल्कि उसके पर्यावरण की भी रक्षा और पोषण करता है। आज ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के बीच विश्व समुदाय को Sustainable फैशन और जीवन शैली के महत्व का एहसास हुआ है। जबकि हजारों वर्षों से, वैदिक ग्रंथों में व्यक्त भारतीय विचार और ज्ञान ने सभी प्राणियों के बीच परस्पर निर्भरता और एकता पर जोर दिया है। हम सचेत होकर अपने कार्यों के माध्यम से एक स्वस्थ पृथ्वी का पोषण कर सकते हैं और बदले में सभी प्राणियों को एक स्वस्थ जीवन दे सकते हैं।
निफ्ट गांधीनगर ने मिशन लाइफ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और आयुर्वस्त्रम (स्वास्थ्य के लिए वस्त्र) के माध्यम से आयुर्वेद (जीवन दाता) एवं आयुष (स्वस्थ जीवन) की अवधारणा का विस्तार करते हुए इस सांस्कृतिक फैशन शो का आयोजन किया है।

डॉ. समीर सूद ने बताया कि इनमें से प्रत्येक कलेक्शन में स्वदेशी पौधों और जड़ी-बूटियों के औषधीय गुणों को शामिल किया गया है। आयुर्वस्त्रम बनाने के लिए फलों, फूलों, पत्तियों, छाल और जड़ों से समृद्ध औषधीय गुणों और रंगों को निकाला जाता है। यह स्वस्थ जीवन शैली के लिए तैयार किए गए कपड़े हैं।
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