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गुजरात के इन जगहों में बजेगा युद्ध वाला सायरन, प्रशासन ने की मॉक-ड्रिल की तैयारी

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : May 06, 2025 01:45 pm IST,  Updated : May 06, 2025 02:46 pm IST

India Pakistan Tension: भारत और पाकिस्तान की सीमा पर बढ़ रहे तनाव के बीच केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वो 7 मई को युद्ध वाले सायरन बजाकर मॉक-ड्रिल करें। पाकिस्तानी सीमा से सटे राज्य गुजरात के कई जगहों में ये मॉक-ड्रिल किया जाएगा।

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युद्ध वाला सायरन Image Source : FILE

India Pakistan Tension: भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले युद्ध की संभावनाओं के बीच गृह मंत्रालय ने यु्द्ध वाले सायरन बजाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी राज्यों को इसके लिए 7 मई यानी कल मॉक-ड्रिल करने के निर्देश जारी किए हैं। यह मॉक-ड्रिल नागरिकों को युद्ध के समय बजने वाले सायरन को पहचानने के लिए किया जाएगा। इस दौरान कुछ देर तक युद्ध वाला सायरन बजता रहेगा। हालांकि, नागरिकों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है।

इन जगहों में बजेगा युद्ध सायरन

पाकिस्तानी सीमा से सटे राज्य गुजरात के 18 जगहों में युद्ध वाले सायरन के साथ मॉक-ड्रिल करने का निर्देश जारी किया गया है। सरकार ने राज्य के इन सभी शहरों को सायरन बजाने के तीन कैटेगरी में रखा है। पहली कैटेगरी में तीन जगहों- सूरत, वडोदरा और काकरापार को रखा गया है। सूरत और वडोदरा व्यवसाय के लिए राज्य के बड़े शहरों में गिना जाता है। वहीं, काकरापार में परमाणु उर्जा संयत्र है, जिसकी वजह से यह अतिसंवेदनशील इलाके में शामिल किया गया है।

दूसरी कैटेगरी में गुजरात के 9 जगहों- अहमदाबाद, जामनगर, गांधीनगर, भावनगर, कंडला, नलिया, अंकलेश्वर, ओखा और वाडीनार को शामिल किया गया है। वहीं, तीसरी कैटेगरी में भरूच, डांग, कच्छ, महेसाणा, नर्मदा और नवसारी को रखा गया है। गृह मंत्रालय के आदेश पर राज्य सरकार ने मॉक-ड्रिल की तैयारी कर ली है।

  इन जगहों में बजेगा सायरन
कैटेगरी-1 सूरत, वडोदरा और काकरापार
कैटेगरी-2 अहमदाबाद, जामनगर, गांधीनगर, भावनगर, कंडला, नलिया, अंकलेश्वर, ओखा और वाडीनार
कैटेगरी-3 भरूच, डांग, कच्छ, महेसाणा, नर्मदा और नवसारी

युद्ध वाले सायरन को कैसे पहचाने?

युद्ध के समय सायरन बजाने के कई मायने होते हैं, जिनमें लोगों को हवाई हमले की वार्निंग, एयरफोर्स के साथ रेडियो संपर्क चालू करने के लिए या फिर सिविल डिफेंस की तैयारियों को जांचने के लिए, ब्लैकआउट और कंट्रोल रूम की तैयारियों की जांच करने के लिए यह एक्सरसाइज किया जाता है। युद्ध के सायरन 2 से 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई देते हैं। यह आम अलार्म या फिर एंबुलेंस के सायरन जैसा नहीं होगा। यह तेज आवाज वाला वार्निंग सिस्टम होगा, जो 120 से लेकर 140 डेसिबल तक की आवाज करेगा।

यह भी पढ़ें - युद्ध वाले सायरन को कैसे पहचानें, कैसे करता है आवाज, क्या होता है फर्क?

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