भावनगर: आध्यात्मिक गुरु मोरारी बापू की पत्नी नर्मदाबा का बुधवार को गुजरात के भावनगर जिले के तलगाजर्दा गांव में उनके आवास पर निधन हो गया। वह 79 वर्ष की थीं। मोरारी बापू के एक करीबी सहयोगी ने संवाददाताओं को बताया कि नर्मदाबा कुछ समय से अस्वस्थ थीं। उन्होंने बुधवार तड़के तलगाजर्दा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली।
पीएम मोदी ने जताया शोक
मोरारी बापू के एक करीबी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोपहर में मोरारी बापू से फोन पर बात की और संवेदना व्यक्त की। बता दें कि मोरारी बापू रामकथा के प्रसिद्ध कथावाचक हैं। वे रामचरितमानस के व्याख्याता हैं।
कुछ दिनों से बीमार चल रहीं थीं नर्मदाबा
जानकारी के अनुसार, नर्मदाबा का बुधवार को करीब 1:30 बजे निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार और समाधि आज सुबह करीब 9:00 बजे उनके तलगाजर्दा स्थित आवास पर मोरारी बापू की मौजूदगी में किया गया। मोरारी बापू इसी गांव में रहते हैं। पिछले कुछ दिनों से नर्मदाबेन की तबीयत खराब चल रही थी और पिछले दो दिनों से उन्होंने खाना भी नहीं खाया था।
मोरारी बापू और नर्मदाबा के चार बच्चे हैं
मोरारी बापू और नर्मदाबा की शादी वनोट गांव में हुई थी और उनके चार बच्चे हैं जिनमें से एक बेटा और तीन बेटियां हैं। उनके निधन की खबर से तलगाजर्दा में शोक की लहर दौड़ गई है, जहां उनके सम्मान में पूरी तरह से बंद रखा गया है। स्थानीय लोगों और भक्तों ने नर्मदाबा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है, जो मोरारी बापू की आध्यात्मिक यात्रा में एक शांत लेकिन मजबूत उपस्थिति थीं।
कथा के अलावा सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे हैं मोरारी बापू
बता दें कि मोरारी बापू कथा के अलावा सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे हैं। कहा जाता है कि 12 साल की उम्र में ही बापू को रामचरित मानस कंठस्थ हो गया था। 14 साल की उम्र से ही मोरारी बापू कथा कह रहे हैं। देश-विदेश में करोड़ों की संख्या में उनके श्रोता हैं। उन्होंने साल 1976 में पहली बार विदेश जाकर केन्या के नैरोबी में राम कथा का आयोजन किया था। वह राम कथा का वाचन विदेशों में भी जाकर करते रहे हैं।
इनपुट- पीटीआई