हरियाणा के कई हिस्सों में एक बार फिर मूसलधार बारिश हुई, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और जनजीवन प्रभावित हुआ है। कुरुक्षेत्र के शाहाबाद की अमर विहार कॉलोनी में भारी बारिश के कारण बुधवार तड़के एक कमरे की छत ढह जाने से 2 लोगों की मौत हो गई जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। शाहाबाद थाने के प्रभारी सुनील कुमार दत्त के अनुसार, घटना के समय उत्तर प्रदेश स्थित प्रतापगढ़ जिले के कुंडा क्षेत्र के 6 मजदूर कमरे में सो रहे थे। हादसे में दो भाईयों 40 वर्षीय संदीप और 39 वर्षीय कुलदीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मारकंडा नदी के पानी से शहर के कई हिस्से जलमग्न
मूसलाधार बारिश की वजह से उफनती मारकंडा नदी के पानी से शहर के कई हिस्से जलमग्न हो गए हैं, जिसके बाद कुरुक्षेत्र के उपायुक्त और एसपी ने राहत कार्यों का निरीक्षण करने के लिए शाहबाद का दौरा किया। अधिकारियों ने बढ़ते जलस्तर से प्रभावित निचले इलाकों की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को अन्य जगह पर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। हरियाणा के विभिन्न इलाकों और बाढ़ प्रभावित पड़ोसी राज्य पंजाब में भारी बारिश होने तथा नदियों में जलस्तर बढ़ जाने से बड़े पैमाने पर इलाके जलमग्न हो गए है, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
अंबाला में भारी बारिश से जगह-जगह हुआ जलभराव
अंबाला में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में व्यापक रूप से जलभराव हो गया है। अंबाला-अमृतसर हाईवे पर बारिश का पानी जमा होने से सर्विस लेन में यातायात प्रभावित हुआ। कपड़ों के थोक बाजार, नदी मोहल्ला, मॉडल टाउन, कोर्ट रोड तथा सेक्टर 7, 9 और 10 के जलमग्न हो जाने से यातायात बाधित हो गया, जबकि निवासियों की दिक्कतें बढ़ गईं।
सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद
कई स्कूलों में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे प्रशासन ने सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद कर दिए हैं। उपायुक्त कार्यालय, एसडीएम कार्यालय और मोड टाउन पुलिस चौकी में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। मौसम को देखते हुए अंबाला जिला प्रशासन ने आपातकालीन प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिया है। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने संवेदनशील क्षेत्रों की 24 घंटे निगरानी करने और जल निकासी के प्रबंधन के लिए पंप तैनात करने के आदेश दिए हैं।
सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
विभिन्न आवश्यक सेवाओं से जुड़े सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और बाढ़ संभावित गांवों में सामुदायिक निगरानी प्रणाली ‘ठीकरी पहरा’ लागू की जा रही है। इस बीच, टांगरी, घग्गर और मारकंडा नदियों में बढ़ते जल स्तर ने चिंता बढ़ा दी है। हालांकि नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन फिर भी अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को वहां से निकलकर क्षेत्र खाली करने के लिए तैयार रहने की सलाह दी जा रही है। (भाषा इनपुट्स के साथ)
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