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हरियाणा में पीलिया से हुईं 12 मौतें, डॉक्टर से जानें Jaundice होने पर कौन से लक्षण दिखते हैं और कैसे करें बचाव?

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam Published : Mar 02, 2026 11:38 pm IST, Updated : Mar 03, 2026 03:18 pm IST

Jaundice Symptoms And Precautions: पीलिया दरअसल लिवर से जुड़ा एक संकेत है, जिसमें शरीर में बिलीरुबिन नामक पदार्थ का स्तर बढ़ जाता है। चलिए डॉक्टर से जानते हैं इसके लक्षण क्या हैं और बचाव के उपाय?

पीलिया के प्रमुख लक्षण - India TV Hindi
Image Source : FREEPIK पीलिया के प्रमुख लक्षण

हरियाणा में पीलिया के कारण 12 लोगों की मौत की खबर ने एक बार फिर इस बीमारी को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। पीलिया, जिसे मेडिकल भाषा में जॉन्डिस कहा जाता है, कोई अलग बीमारी नहीं बल्कि शरीर में बिलीरुबिन नामक पदार्थ के बढ़ने का संकेत है। दिल्ली में स्थित आस्था हॉस्पिटल में कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक सर्जन,  डॉ. दीपक कुमार कहते हैं यह स्थिति अधिकतर लिवर की खराबी, हेपेटाइटिस संक्रमण, दूषित पानी या खानपान की वजह से होती है। समय रहते पहचान और इलाज न मिलने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।

पीलिया के शुरुआती लक्षण :

पीलिया के शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं, इसलिए लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। सबसे प्रमुख लक्षण है आंखों और त्वचा का पीला पड़ना। इसके अलावा पेशाब का गहरा पीला या भूरा रंग, अत्यधिक थकान और कमजोरी, भूख में कमी, मतली या उल्टी, पेट के दाहिने हिस्से में दर्द या सूजन, हल्का बुखार और शरीर में खुजली जैसे संकेत भी पीलिया की ओर इशारा कर सकते हैं। कुछ लोगों में मल का रंग हल्का या मिट्टी जैसा भी हो सकता है। यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत ब्लड टेस्ट और लिवर फंक्शन टेस्ट कराना जरूरी है।

कहां फैलता है पीलिया ज्यादा?

पीलिया खासतौर पर उन क्षेत्रों में तेजी से फैल सकता है जहां पीने का पानी साफ नहीं होता या सीवेज सिस्टम ठीक से काम नहीं करता। वायरल हेपेटाइटिस ए और ई, जो अधिकतर दूषित पानी और भोजन से फैलते हैं, पीलिया के आम कारण हैं। कमजोर इम्यूनिटी, पहले से लिवर की बीमारी या शराब का अधिक सेवन करने वाले लोगों में इसका खतरा और बढ़ जाता है।

क्या है बचाव के उपाय 

बचाव के लिए सबसे जरूरी है साफ और उबला हुआ पानी पीना। बाहर का कच्चा या कटे फल-सब्जियां खाने से बचें। हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखें और शौच के बाद व खाना बनाने से पहले साबुन से हाथ जरूर धोएं। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि उनमें जटिलताएं तेजी से बढ़ सकती हैं। हेपेटाइटिस ए और बी के लिए उपलब्ध टीकाकरण भी सुरक्षा प्रदान करता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह से वैक्सीनेशन कराना लाभकारी हो सकता है।

यदि किसी व्यक्ति में पीलिया की पुष्टि हो जाती है तो उसे पर्याप्त आराम, हल्का और सुपाच्य भोजन तथा डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का नियमित सेवन करना चाहिए। बिना सलाह के कोई भी दवा या घरेलू नुस्खा अपनाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि कुछ दवाएं लिवर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं। समय पर जांच और सतर्कता से पीलिया जैसी गंभीर स्थिति से बचाव संभव है और कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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