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हार्ट में कितना ब्लॉकेज होने पर पड़ती है स्टेंट की जरूरत, कार्डियोलॉजिस्ट ने समझाया

 Written By: Poonam Yadav
 Published : Aug 22, 2026 11:00 pm IST,  Updated : Aug 22, 2026 11:02 pm IST

कार्डियोलॉजिस्ट बता रहे हैं कि किन परिस्थितियों में हार्ट के मरीजों के लिए स्टेंट जरूरी हो सकता है और किन बातों को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया जाता हैं।

हार्ट में कितना ब्लॉकेज होने पर स्टेंट लगता है- India TV Hindi
हार्ट में कितना ब्लॉकेज होने पर स्टेंट लगता है Image Source : MAGNIFIC

बहुत से मरीज़ सोचते हैं कि एंजियोग्राफी में ब्लॉकेज दिखते ही स्टेंट लगाना ज़रूरी हो जाता है। जालंधर स्थित सर्वोदय अस्पताल में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, डॉ. दिबांशु गुप्ता, कहते हैं कि एंजियोग्राफी से ब्लॉकेज दिखना और उस ब्लॉकेज के लिए स्टेंट की ज़रूरत होना, ये दो अलग-अलग बातें हैं। ऐसे में डॉक्टर बता रहे हैं कि कितना ब्लॉकेज होने पर स्टेंट की ज़रूरत पड़ती है और हार्ट अटैक में एंजियोप्लास्टी कब जान बचाने वाला होता है?

हर ब्लॉकेज में स्टेंट की ज़रूरत नहीं होती

हर ब्लॉकेज में स्टेंट लगाना ज़रूरी नहीं होता। स्टेंट लगाने का फ़ैसला सिर्फ़ ब्लॉकेज के प्रतिशत पर नहीं किया जाता। लक्षण कितने गंभीर हैं, ब्लॉकेज कहाँ और कितना गंभीर है, ब्लड-फ़्लो में कितनी कमी आई है और मरीज़ की पूरी चिकित्सकीय स्थिति क्या है इन सब बातों को मिलाकर ही फ़ैसला लिया जाता है।

हार्ट अटैक में स्टेंट कब जान बचाने वाला होता है

एक्यूट कोरोनरी आर्टरी ऑक्लूज़न यानी अचानक धमनी पूरी तरह बंद हो जाने या बड़े गंभीर हार्ट अटैक में स्टेंट सचमुच जान बचा सकता है। ब्लॉक हुई धमनी को जितनी जल्दी खोला जाए, दिल की मांसपेशी उतना ही कम नुकसान उठाती है। अस्पताल पहुँचने के नब्बे मिनट के अंदर इस प्रक्रिया को करवाना सबसे समझदारी भरा निर्णय माना जाता है। इससे मरीज़ के बचने की संभावना बढ़ जाती है।

सीने में होने वाले हर दर्द में तुरंत स्टेंट की ज़रूरत नहीं होती

सीने में होने वाले हर दर्द में तुरंत स्टेंट नहीं लगाना पड़ता। लेकिन लगातार या बढ़ता हुआ सीने का दर्द, अस्थिर ब्लड प्रेशर, अनियमित दिल की धड़कन, दिल कमज़ोर पड़ने के लक्षण या खून की जाँच में दिल को नुकसान होने की संभावना के संकेत मिलने पर तुरंत जाँच ज़रूरी हो जाती है। इन स्थितियों में देर करना जानलेवा साबित हो सकता है।

ब्लॉकेज की जगह भी बहुत ज़रूरी है

बाईं मुख्य धमनी यानी लेफ्ट मेन डिज़ीज़ में ज़्यादा सिकुड़न, कई धमनियों में एक साथ ब्लॉकेज या दिल की पंपिंग क्षमता कम होने पर खून का प्रवाह बहाल करना ज़रूरी हो सकता है। कुछ मरीज़ों में स्टेंट के बजाय बाईपास सर्जरी ज़्यादा उपयुक्त विकल्प साबित होती है।

हेल्दी लाइफस्टाइल है ज़रूरी

इलाज सिर्फ़ स्टेंट लगाने तक सीमित नहीं है। धूम्रपान छोड़ना, सब्ज़ी-फल वाला खाना, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और तनाव कम करना ज़रूरी है। कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाएँ, खून पतला रखने वाली दवाएँ, ब्लड प्रेशर नियंत्रण और सीने के दर्द की दवाएँ भी इलाज का अहम हिस्सा हैं।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है)

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