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विटामिन डी की कमी से शरीर में हो सकती हैं ये गंभीर परेशानियां, जानें बिना सप्लीमेंट्स के कैसे बढ़ाएं?

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Jun 01, 2026 11:34 pm IST,  Updated : Jun 01, 2026 11:34 pm IST

विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं जिससे जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ता है। इसके अलावा शरीर में और भी कई समस्याएं बढ़ने लगती हैं. चलिए जानते हैं वो परेशानियां और इसकी कमी को पूरा कैसे करें?

विटामिन डी की कमी के लक्षण- India TV Hindi
विटामिन डी की कमी के लक्षण Image Source : UNSPLASH

विटामिन डी शरीर के लिए एक बेहद जरूरी पोषक तत्व है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ इम्यून सिस्टम, मांसपेशियों और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर शरीर में कई तरह की समस्याएं शुरू हो सकती हैं, जिनमें हड्डियों में दर्द, कमजोरी, थकान, बार-बार बीमार पड़ना और मूड से जुड़ी परेशानियां शामिल हैं। हालांकि, कई लोग विटामिन डी की कमी पूरी करने के लिए सीधे सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन कुछ प्राकृतिक तरीकों की मदद से भी इसके स्तर को बढ़ाया जा सकता है। आइए जानते हैं विटामिन डी की कमी से होने वाली गंभीर समस्याओं और बिना सप्लीमेंट्स के इसे बढ़ाने के आसान उपायों के बारे में

विटामिन डी की कमी से होने वाली समस्याएं

  • हड्डियों और जोड़ों में दर्द: विटामिन डी की कमी से शरीर कैल्शियम को सही तरीके से अवशोषित नहीं कर पाता, जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ सकती है।

  • मांसपेशियों में कमजोरी: बार-बार थकान महसूस होना, सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी या मांसपेशियों में कमजोरी विटामिन डी की कमी के संकेत हो सकते हैं

  • इम्यूनिटी कमजोर होना: विटामिन डी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसकी कमी से संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

  • थकान और कमजोरी: पर्याप्त नींद लेने के बाद भी लगातार थकान महसूस होना विटामिन डी की कमी से जुड़ा हो सकता है।

  • मूड में बदलाव: विटामिन डी का संबंध मानसिक स्वास्थ्य से भी है। इसकी कमी से मूड स्विंग्स, तनाव और उदासी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

बिना सप्लीमेंट्स के विटामिन डी कैसे बढ़ाएं?

सुबह 8 से 11 बजे के बीच 15–30 मिनट तक धूप में बैठना या टहलना शरीर में विटामिन डी के प्राकृतिक निर्माण में मदद करता है। अगर आप नॉन वेज खाते हैं तो अपनी डाइट में सैल्मन, सार्डिन और मैकेरल जैसी मछलियां शामिल करें, ये विटामिन डी के अच्छे स्रोत मानी जाती हैं। अंडे की जर्दी में भी थोड़ी मात्रा में विटामिन D पाया जाता है, जिसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। एक्टिव लाइफस्टाइल हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करती है और शरीर के समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है।

यदि आपको लंबे समय से हड्डियों में दर्द, अत्यधिक कमजोरी, बार-बार संक्रमण या अन्य गंभीर लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेकर विटामिन डी की जांच करवाना बेहतर होता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता ह

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