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बच्चों में तेजी से क्यों बढ़ रही है आंखो की बीमारी Myopia, डॉक्टर से जानें कैसे करें देखभाल?

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Aug 06, 2025 08:16 pm IST,  Updated : Aug 06, 2025 08:16 pm IST

आजकल बच्चों में मायोपिया की समस्या बहुत तेज़ी से बढ़ रही है। यह ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चों को चीजें धुंधली दिखाई देती हैं, ऐसे में डॉक्टर से जानें यह समस्या क्यों होती है और आंखो की रौशनी बढ़ाने के लिए क्या करें?

मायोपिया - India TV Hindi
मायोपिया Image Source : FREEPIK

आजकल बच्चों में आंखों की समस्या, विशेषकर मायोपिया (निकट दृष्टि दोष), तेजी से बढ़ रही है। मायोपिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चा नजदीक की चीजें तो साफ देख सकता है, लेकिन दूर की चीजें धुंधली नजर आती हैं। ग्वालियर में स्थित रतन ज्योति नेत्रालय के संस्थापक और निदेशक,एमबीबीएस, एमएस डॉ. पुरेंद्र भसीन के अनुसार, इस समस्या का मुख्य कारण बदलती जीवनशैली, स्क्रीन टाइम का बढ़ता उपयोग और बच्चों का बाहर खेलने से दूरी बनाना है।

ज़्यादा स्क्रीन देखना है एक बड़ी वजह:

डिजिटल युग में बच्चे मोबाइल, टैबलेट, टीवी और लैपटॉप पर ज्यादा समय बिताते हैं। लगातार स्क्रीन पर देखने से आंखों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे आंखों की मांसपेशियां थक जाती हैं और धीरे-धीरे मायोपिया की संभावना बढ़ जाती है।

प्राकृतिक रोशनी में कम समय बिताना:

इसके अलावा, बच्चों का प्राकृतिक रोशनी में कम समय बिताना भी मायोपिया को बढ़ावा देता है। शोध से यह स्पष्ट हुआ है कि जो बच्चे प्रतिदिन कम से कम 1-2 घंटे बाहर प्राकृतिक रोशनी में खेलते हैं, उनमें मायोपिया का खतरा कम होता है।

मायोपिया रोकने के प्रभावी उपाय:

बच्चों में मायोपिया की बढ़ती समस्या को रोकने के लिए कुछ आसान लेकिन प्रभावी उपाय अपनाए जा सकते हैं।

  • 20-20-20 रूल सिखाएं: सबसे पहले, बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित करें और हर 20 मिनट पर 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखना (20-20-20 रूल) सिखाएं। बच्चों को बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि उनकी आंखें प्राकृतिक तरीके से व्यायाम कर सकें। साथ ही, पढ़ते समय उचित दूरी बनाए रखें और अच्छी रोशनी में पढ़ाई कराएं।

  • आंखों की जांच करवाना: नियमित रूप से आंखों की जांच करवाना भी बेहद जरूरी है, खासकर अगर बच्चा बार-बार आंखें मले, आंखें छोटी करे कर देखे या सिर झुकाकर पढ़े। इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें और विशेषज्ञ से संपर्क करें।

मायोपिया को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन सही देखभाल और समय पर इलाज से इसे बढ़ने से जरूर रोका जा सकता है। इसलिए, बच्चों की आंखों की सेहत को लेकर सजग रहें और उन्हें स्क्रीन से थोड़ा दूर, प्रकृति के करीब रखें।

isclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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