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उम्र के हिसाब से एक दिन में कितना प्रोटीन लेना चाहिए?

 Written By: Ritu Raj
 Published : Oct 06, 2026 09:57 pm IST,  Updated : Oct 06, 2026 09:57 pm IST

प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है, जो मांसपेशियों के निर्माण, सेल्स की मरम्मत, हार्मोन संतुलन और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन सवाल ये है कि एक दिन में कितना प्रोटीन लेना चाहिए।

उम्र के हिसाब से एक दिन में कितना प्रोटीन लेना चाहिए? - India TV Hindi
उम्र के हिसाब से एक दिन में कितना प्रोटीन लेना चाहिए? Image Source : MAGNIFIC

प्रोटीन शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है, जो मांसपेशियों, हड्डियों, त्वचा, बालों और शरीर की कोशिकाओं के निर्माण और मरम्मत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, हर व्यक्ति की प्रोटीन की जरूरत एक जैसी नहीं होती। उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य की स्थिति के आधार पर रोजाना प्रोटीन की आवश्यकता बदल सकती है। लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि एक दिन में कितना प्रोटीन लेना चाहिए। ऐसे में डॉ. भावना पी - न्यूट्रिशनिस्ट और डायटीशियन बता रही हैं कि उम्र के हिसाब से एक दिन में प्रोटीन लेना चाहिए। 

क्या कहती हैं डॉक्टर

छोटे बच्चों में शरीर तेजी से बढ़ता और विकसित होता है, इसलिए उनके लिए पर्याप्त प्रोटीन जरूरी है। आमतौर पर 1 से 3 साल के बच्चों को लगभग 13 ग्राम, 4 से 8 वर्ष के बच्चों को 19 ग्राम और 9 से 13 साल की उम्र में करीब 34 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन की जरूरत होती है। किशोरावस्था में ग्रोथ तेजी से होती है, इसलिए आवश्यकता और बढ़ जाती है। जैसे 14 से 18 साल की उम्र में लड़कों को लगभग 52 ग्राम और लड़कियों को लगभग 46 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन की जरूरत हो सकती है। हालांकि, जो किशोर नियमित रूप से खेल या किसी अन्य तरह की शारीरिक गतिविधि में शामिल हैं, उनकी जरूरत इससे अधिक हो सकती है।

वयस्कों के लिए इतना प्रोटीन है जरूरी
वहीं वयस्कों के लिए सामान्य तौर पर रोजाना लगभग 0.8 ग्राम प्रोटीन प्रति किलोग्राम शरीर के वजन की आवश्यकता मानी जाती है। उदाहरण के लिए, 60 किलो वजन वाले एक स्वस्थ वयस्क को लगभग 48 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन की जरूरत हो सकती है। जो लोग नियमित रूप से जिम, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या अन्य एक्सरसाइज करते हैं, उन्हें अपनी गतिविधि के स्तर के मुताबिक अधिक प्रोटीन की आवश्यकता हो सकती है। उम्र बढ़ने के साथ प्रोटीन का महत्व और बढ़ जाता है। वरिष्ठ नागरिकों में मांसपेशियों का कम होना यानी सार्कोपीनिया एक आम समस्या हो सकती है। इसलिए पर्याप्त प्रोटीन के साथ नियमित फिजिकल एक्टिविटी मांसपेशियों की ताकत और कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद कर सकती है। हालांकि, किडनी या लिवर से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

प्रोटीन के सोर्स
प्रोटीन केवल मांस, अंडे या दूध से ही नहीं मिलता। दालें, राजमा, चना, सोया, पनीर, दूध, दही, अंडे, मछली और मांस इसके अच्छे स्रोत हैं। शाकाहारी लोगों के लिए अलग-अलग पौधों से मिलने वाले प्रोटीन स्रोतों को अपने आहार में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि प्रोटीन की जरूरत व्यक्ति-विशेष पर निर्भर करती है। केवल उम्र देखकर प्रोटीन की मात्रा तय नहीं की जानी चाहिए। शरीर का वजन, एक्टिविटी का स्तर, स्वास्थ्य और किसी विशेष बीमारी या मेडिकल स्थिति को ध्यान में रखकर डाइट प्लान करना बेहतर होता है।

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