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चीनी की जगह गुड़, शहद या खजूर खाना कितना सही? न्यूट्रिशनिस्ट से जानें कौन-सा विकल्प है हेल्दी?

 Written By: Poonam Yadav
 Published : Oct 06, 2026 07:36 pm IST,  Updated : Oct 06, 2026 07:37 pm IST

चीनी को हेल्दी विकल्प से बदलने के लिए लोग गुड़, शहद और खजूर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या ये विकल्प वाकई चीनी से ज्यादा फायदेमंद हैं? न्यूट्रिशनिस्ट से जानें

चीनी की जगह गुड़ खाना कितना सही- India TV Hindi
चीनी की जगह गुड़ खाना कितना सही Image Source : INDIA TV

चीनी का सेवन सेहत के लिए हानिकारक होता है. ऐसे में आजकल ज़्यादातर लोग चीनी का सेवन कम करने लगे हैं. इसकी जगह लोग अपनी डाइट में गुड़, शहद या खजूर को शामिल करने लगे हैं। लेकिन क्या ये विकल्प वाकई चीनी से ज्यादा हेल्दी हैं और क्या ये ब्लड शुगर पर भी असर डालते हैं? न्यूट्रिशनिस्ट और वेट लॉस कोच लीमा महाजन बता रही हैं ब्लड शुगर को मेंटेन करने के लिए कौन-सा विकल्प बेहतर है।

किसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स है कितना?

  • गुड़: लीमा महाजन कहती हैं कि गुड़ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स चीनी से भी ज़्यादा होता है तो डायबिटीज के मरीजों के लिए यह हानिकारक है। बता दें, गुड़ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 84 से 86 के बीच वहीं चीनी का लगभग 65 के आसपास होता है जो शुगर स्पाइक को तेजी से बढ़ा सकता है।

  • शहद: अगर शहद की बात करें तो इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 45 के आसपास होता है जो गुड़ से काफी कम है। इसका मतलब है कि शुगर स्पाइक मॉडरेट हो सकता है और आप रोजाना पांच ग्राम तक इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • खजूर पाउडर: अगर हम खजूर पाउडर की बात करें तो इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी करीब 40 से 50 के बीच है जो लगभग शहद के बराबर माना जाता है। हालांकि, इसमें फाइबर ज़्यादा होता है। इस वजह से  इसका ग्लाइसेमिक लोड शहद की तुलना में कम हो सकता है। इसके बावजूद यह आपका ब्लड शुगर बढ़ा सकता है लेकिन हनी और गुड़ की तुलना में इसका असर कम हो सकता है।

  • स्टीविया: स्टीविया एक नेचुरल स्वीट प्लांट जिसकी जो सफेद चीनी से लगभग 200 से 300 गुना अधिक मीठी होती हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि इसमें कैलोरी की मात्रा शून्य होती है। साथ ही इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज़ीरो होता है इसका मतलब है कि यह बिल्कुल भी शुगर स्पाइक नहीं करती है।

  • फ्रूट स्वीटनर: फ्रूट स्वीटनर भी एक नेचुरल स्वीटनर है जो चीनी से 150 से 200 गुना अधिक मीठा होता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी ज़ीरो है। यानी यह शुगर स्पाइक नहीं करता है।

कौन-सा विकल्प है हेल्दी?

लीमा महाजन कहती हैं कि डायबिटीज, पीसीओडी और वेट लॉस की दौरान स्टीविया और फ्रूट स्वीटनर का सेवन आपके लिए एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है। हालांकि, इस बात का ध्याना रखें कि जिस चीज में भी आर्टफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल किया गया हो, उसे खरीदने से पहले उसका लेबल जरूर पढ़ें और उसमें मौजूद अन्य सामग्री की भी जांच करें।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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