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National Doctor's Day: ये थे डायबिटीज के पहले भारतीय डॉक्टर, जानें इन 5 जानलेवा बीमारियों के 1st Specialist

 Written By: Pallavi Kumari
 Published : Jun 30, 2023 12:40 pm IST,  Updated : Jul 01, 2023 09:52 am IST

National Doctor's Day: डॉक्टरों को धरती पर भगवान माना जाता है क्योंकि इनमें आपने इलाज से हजारों लोगों की जान बचाने की क्षमता होती है। ऐसे में आज के दिन जानते हैं इन 5 जानलेवा बीमारियों के पहले भारतीय डॉक्टर के बारे में।

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National Doctor's Day Image Source : SOCIAL

National Doctor's Day: डॉक्टरों को अक्सर धरती पर भगवान का अवतार बताया जाता है। भारत में तो उन्हें ईश्वर तुल्य समझा जाता है। कोरोना के दौरान भी हमने देखा कि कैसे डॉक्टर, 24 घंटे बिना खाए-पिए लोगों के इलाज में लगे रहें। डॉक्टरों की इस सेवा और समर्पण की कोई तुलना नहीं है। ऐसे ही डॉक्टरों के लिए भारत में आज यानी 1 जुलाई के दिन हर साल नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। तमाम डॉक्टरों के योगदान को याद किया जाता है और कई जगहों पर उन्हें सम्मानित किया जाता है। तो, इस कड़ी में हम 5 जानलेवा बीमारियों के पहले भारतीय डॉक्टर के बारे में जानेंगे। 

1. डायबिटीज के पहले भारतीय डॉक्टर-India's first diabetic doctor

एम. विश्वनाथन (M. Viswanathan) को भारत में 'मधुमेह विज्ञान का जनक 'Father of Diabetology in India ' कहा जाता है। उन्होंने 1948 में सरकारी स्टेनली अस्पताल में भारत में पहला डायबिटीक क्लिनिक शुरू किया और स्वतंत्र भारत के बाद यह पहला डायबिटीक क्लिनिक है। लगभग 30 से 40 साल तक उन्होंने डायबिटीज के मरीजों को इलाज किया और कई डाबिटीज के डॉक्टरों को पढ़ाकर तैयार किया।

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2. भारत में पहले कैंसर विशेषज्ञ-First Cancer Specialist In India

डॉ. सुरेश आडवाणी (Dr. Suresh Advani), भारत में पहले कैंसर विशेषज्ञ थे। सुरेश आडवाणी ऑन्कोलॉजिस्ट (एमबीबीएस, एमडी) हैं। 8 साल की उम्र में पोलियो की चपेट में आने के कारण कमर से नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया था, इसके बावजूद डॉ. आडवाणी ने बाधाओं को हराया और भारत में सफलतापूर्वक बोन मैरो ट्रांसफर करने वाले पहले ऑन्कोलॉजिस्ट बन गए। 

Dr. Suresh Advani
Image Source : SOCIALDr. Suresh Advani

3. भारत की पहली हृदय रोग विशेषज्ञ-First cardiologist in india

शिवरामकृष्ण अय्यर पद्मावती एक भारतीय हृदय रोग विशेषज्ञ यानी कार्डियोलॉजिस्ट थीं। वह नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट, दिल्ली की निदेशक और ऑल इंडिया हार्ट फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष भी थीं। उन्होंने कार्डियोलॉजी में छात्रों को प्रशिक्षण देने में विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर काम भी किया। उन्हें अपने काम के लिए देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण और पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया है।  

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4. देश के पहले न्यूरोसर्जन-First neurosurgeon in india

जैकब चांडी (Dr Jacob Chandy), देश के पहले भारतीय न्यूरोसर्जन थे। इतना ही नहीं वे चिकित्सा विज्ञान के शिक्षक थे भारत में पहले न्यूरोसर्जन के रूप में, उन्हें व्यापक रूप से काम किया था। उन्हें भारत में आधुनिक न्यूरोसर्जरी का जनक भी माना जाता है।

5. भारत की पहली स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर-First gynecologist and obstetrician

मैरी पूनन लुकोज़ (Mary Poonen Lukose) एक स्त्री रोग विशेषज्ञ और प्रसूति रोग विशेषज्ञ थीं। उन्हें भारत की पहली महिला सर्जन जनरल के रूप में जाना जाता है। उन्होंने देश के कोने-कोने में जाकर काम किया और महिलाओं की समस्याओं को सुनकर उनका इलाज किया। तो, इस तरह आज के दिन हम इन डॉक्टरों को नमन करते हैं जिन्होंने भारत में इन बीमारियों के इलाज की शुरुआत की।

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