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वॉक ही काफी नहीं है, डायबिटीज के मरीज को जरूर करनी चाहिए लिम्फिंग, लिम्फैटिक सर्कुलेशन कैसे करें

 Written By: Bharti Singh
 Published : Oct 21, 2026 12:57 pm IST,  Updated : Oct 21, 2026 12:57 pm IST

अगर आप रोजाना सिर्फ वॉक करते हैं तो ये काफी नहीं है, इससे लोवर बॉडी की एक्सरसाइज तो हो जाती है लेकिन शरीर के ऊपरी हिस्से का ब्लड सर्कुलेशन अच्छा नहीं हो पाता है। इसलिए लिम्फिंग को जरूरी माना जाता है।

लिम्फैटिक सर्कुलेशन- India TV Hindi
लिम्फैटिक सर्कुलेशन Image Source : MAGNIFIC

डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए अगर आप सिर्फ वॉक करते हैं तो ये काफी नहीं है। आपको वॉक के अलावा अपने लिम्फैटिक सर्कुलेशन में सुधार पर भी ध्यान देना चाहिए, जिसे लसीका प्रवाह (लिम्फिंग) के नाम से जाना जाता है। नॉर्मल सर्कुलेशन में ज्यादातर खून हार्ट तक पहुंच जाता है, लेकिन दस प्रतिशत खून शरीर के ऊपरी भाग और धड़ में ही रह जाता है, जिससे हानिकारक सूजन और इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ जाता है। इस रुके हुए खून या लिक्विड को निकालने और इंसुलिन के स्तर को कम करने के लिए लिम्फैटिक सर्कुलेशन जरूरी है। 

सिर्फ वॉक ही काफी नहीं है, करें लिम्फैटिक सर्कुलेशन

डॉक्टर प्रमोद त्रिपाठी के मुताबिक,  'लिम्फिंग' का मतलब है लिम्फैटिक सर्कुलेशन (लसीका परिसंचरण) को एक्टिव करना। एक डायबिटिक को इसे एक्टिव रखना इसलिए जरूरी है क्योंकि हार्ट से आर्टरीज प्योर ब्लड को शरीर के अंगों तक ले जाती हैं और वेन्स उसे वापस लाती हैं। लेकिन वेन्स केवल 90% खून ही वापस ला पाती हैं। बाकी 10% खून गर्दन के आसपास, बगल में, पीठ और धड़ के हिस्सों में फंसा रह जाता है। ज्यादातर डायबिटिक लोगों का धड़ बड़ा होता है। अगर आप सिर्फ पैदल चलते हैं, तो आप अपने शरीर के निचले हिस्से को ही सक्रिय कर रहे होते हैं। लेकिन अगर आप अपने धड़ वाले हिस्से को सिकोड़ते या हिलाते हैं, तो वहां फंसा हुआ 10% खून आगे बढ़ने लगता है। यह फंसा हुआ खून शरीर में सूजन पैदा करता है, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है। इसलिए इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करके इंसुलिन के स्तर को घटाने के लिए 'लिम्फिंग' बहुत जरूरी है। 

मालिश, वॉर्मअप और सूर्य नमस्कार से मिलेगा फायदा

अब सवाल यह है कि लिम्फैटिक सर्कुलेशन को कैसे सक्रिय करें, जिससे ब्लड वापस हार्ट तक पहुंच सके, फिल्टर हो सके और बेहतर तरीके से पूरे शरीर में घूम सके। इसके लिए आप तीन चीजें कर सकते हैं। पहली है मसाज। हर हफ्ते पूरे शरीर की तेल मालिश करवाएं। ये बहुत आरामदायक है और आपकी उम्र भी बढ़ा सकती है। दूसरी चीज है- वार्म-अप और एक्सरसाइज शुरू करना, तीसरी चीज है- 'चेयर सूर्य नमस्कार' या खड़े होकर किए जाने वाले 'सूर्य नमस्कार' का अभ्यास करना। 

पीठ को आगे पीछे झुकाने से होगा फायदा

जब आप अपनी पीठ को आगे-पीछे झुकाते हैं, तो आप अपने शरीर के सबसे गहरे स्तरों पर काम कर रहे होते हैं। इससे आपका लिम्फैटिक सर्कुलेशन सक्रिय हो जाता है। जैसे ही यह सर्कुलेशन बेहतर होता है, शरीर में सूजन और इंसुलिन रेजिस्टेंस कम होने लगता है, जिससे डायबिटीज को रिवर्स करने में मदद मिलती है। इसलिए अपनी 'लिम्फिंग' को बेहतर बनाने की कोशिश करें। कम से कम एक दिन छोड़कर ऐसा जरूर करें।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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