जागी वासुदेव सद्गुरु सोशल मीडिया पर अक्सर लोगों को फिट एंड हेल्दी रहने के लिए मोटिवेट करते रहते हैं। उनके अनुसार हमारी शारीरिक और मानसिक ऊर्जा का मुख्य आधार हमारा गट हेल्थ यानी पाचन तंत्र है। जब आपकी आंतें स्वस्थ रहती हैं, तो शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है और दिमाग भी शांत और एकाग्र रहता है। आज के समय में कई लोग पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं से परेशान रहते हैं। ऐसे में सद्गुरु ने पाचन को बेहतर बनाने के लिए नेचुरल, और आसानी से पचने वाले फूड्स के बारे में बताया है। उन्होंने बताया है कौन सी सब्जियों और फल को शामिल कर आप अपने गट हेल्थ को बेहतर बना सकते हैं।
गट स्वास्थ्य के लिए बेस्ट फल और सब्जियां
सफेद पेठा: सद्गुरु सफेद पेठे को हाई प्रैनिक फूड मानते हैं। इसका जूस सुबह खाली पेट पीने से आंतों की सफाई होती है, पेट की जलन शांत होती है और हानिकारक बैक्टीरिया दूर होते हैं।
पपीता और केला: पपीते में मौजूद एंजाइम भोजन को जल्दी पचाने में मदद करते हैं। पका हुआ केला पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और आंतों में गुड बैक्टीरिया को पोषण देने का काम करता है।
लौकी और तोरी: पानी से भरपूर सब्जियां जैसे लौकी, तोरी और खीरा पाचन अग्नि को संतुलित रखती हैं और आंतों की अंदरूनी परत को चिकना बनाती है।
हरी पत्तेदार सब्जियां: पालक, मेथी और ताजी हरी पत्तियों में फाइबर की प्रचुर मात्रा होती है, जो आंतों की सफाई को आसान बनाती है।
आंवला और नींबू: यह पाचन रस को सक्रिय करने और आंतों के विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में फायदेमंद हैं।
सद्गुरु ने बताए गट हेल्थ को सुधारने के आसान तरीके
कच्चा भोजन बढ़ाएं: अपनी डेली डाइट में कम से कम 30-40% हिस्सा कच्चे फल, ताजी सब्जियों और अंकुरित अनाज को शामिल करें। ये भोजन शरीर में पाचक एंजाइमों को बढ़ाता है।
पानी की मात्रा और भोजन का समय: भोजन करने के तुरंत बाद ज्यादा पानी पीने से बचें, इससे पाचक अग्नि मंद पड़ जाती है। भोजन के बीच 5 से 6 घंटे का अंतर रखें ताकि आंतों को खुद की सफाई का समय मिल सके।
अच्छी तरह चबाकर खाएं: सद्गुरु के मुताबिक, भोजन को निगलने से पहले कम से कम 24 से 32 बार चबाना चाहिए। आधा पाचन मुंह में ही लार के साथ पूरा हो जाना चाहिए।
रात को हल्का भोजन: रात का खाना सोने से कम से कम 3 घंटे पहले खाएं और उसमें पकी हुई हल्की सब्जियों को शामिल करें।