लिम्फ नोड्स हमारे शरीर में पाई जाने वाली छोटी बीन के जितनी बड़ी ग्रंथियां होती हैं जो लसीका तंत्र का हिस्सा होती हैं। ये शरीर में इंफेक्शन से लड़ने और फ्ल्यूड को बनाए रखने में मदद करता है। ये शरीर में एक फिल्टर की तरह काम करते हैं, वायरस, बैक्टीरिया और दूसरे हानिकारक पदार्थों को शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने से पहले ही फंसा लेते हैं। लिम्फ नोड्स में श्वेत रक्त कोशिकाएं पाई जाती हैं, जो किसी भी इंफेक्शन या वायरस से लड़ने को खत्म करने का काम करती हैं। ये लिम्फ नोड्स शरीर में आम तौर पर गर्दन, बगल, छाती, पेट, कमर और रागों में पाए जाते हैं। नॉर्मल स्थिति में लिम्फ नोड्स सामान्य रहते हैं और इनकी ओर ध्यान नहीं जाता, लेकिन जब शरीर किसी संक्रमण से लड़ रहा होता है या किसी स्वास्थ्य समस्या से निपट रहा होता है, तो लिम्फ नोड्स सूज सकते हैं और ये काफी मुलायम हो सकते हैं। शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉक्टर भुमेश त्यागी से जानते हैं लिम्फ नोड्स में सूजन के कारण।
लिम्फ नोड्स में सूजन के कारण
संक्रमण- किसी भी संक्रमण जैसे वायरल संक्रमण, सर्दी, फ्लू, खसरा, मोनोन्यूक्लिओसिस से सूजन हो सकती है। बैक्टीरियल इंफेक्शन होने जैसे गले में खराश, कान में संक्रमण या त्वचा में इंफेक्शन होने पर आस-पास के लिम्फ नोड्स में सूजन आ सकती है। इसके अलावा टोक्सोप्लाज़मोसिस जैसे फंगल या पैरासाइट्स के अटैक पर भी ऐसा हो सकता है।
इम्यून सिस्टम डिसऑर्डर- ऑटो इम्यून कंडीशन होने पर भी लिम्फ नोड्स में सूजन हो सकती है। जैसे रुमेटी गठिया के कारण, ल्यूपस की वजह से लिम्फ नोड्स सहित पूरे शरीर में सूजन हो सकती है। कई बार सूजन होने पर दर्द भी नहीं होता है।
कैंसर- लिम्फ नोड्स में सूजन कैंसर का संकेत हो सकता है। अगर लगातार सूजन बनी रहे और दर्द न हो तो लिम्फोमा होने का लक्षण हो सकता है। ल्यूकेमिया में भी नोड्स में असामान्य श्वेत रक्त कोशिकाएं जमा होने से खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा मेटास्टेटिक कैंसर होने पर भी सूजन आ सकती है।
लिम्फ नोड्स में सूजन के अन्य कारण- कई बार कुछ दवाओं के कारण भी ऐसा हो सकता है। जैसे दौरा पड़ने की दवाओं के कारण भी सूजन हो सकती है। कई बार टीका लगने के बाद इनमें सूजन आ जाती है। कहीं चोट लगने पर भी लिम्फ नोड्स में कुछ दिनों तक सूजन बनी रह सकती है।
अगर लिम्फ नोड्स में सूजन आ रही है या कुछ उभरा हुआ सा महसूस हो रहा है तो इसे इग्नोर न करें। एक बार डॉक्टर को जरूर दिखाएं। ये शरीर में किसी इंफेक्शन का लक्षण हो सकता है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)