आजकल की बदलती जीवनशैली में देश में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब कम उम्र के युवा भी हार्ट अटैक की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। ऐसे में साओल हार्ट सेंटर के संस्थापक, एमबीबीएस और एमडी, डॉक्टर बिमल छाजेर, बता रहे हैं कि हार्ट अटैक से एक महीने पहले शरीर के किस तरह के संकेत दिखते हैं जिसे पहचानकर अपना बचाव कर सकते हैं।
हार्ट अटैक से एक महीने शरीर में दिखते हैं ये लक्षण
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छाती में तकलीफ: अगर छाती में अचनाक से बहुत ज़्यादा डिस्कंफर्ट या प्रेशर फील होता है तो यह एक लक्षण हो सकता है। अगर पहले ऐसा नहीं होता था लेकिन इस बीच कभी कभी चेस्ट में टाइटनेस, प्रेशर, हेविनेस या जलन जैसा महसूस हो रहा है लेकिन थोड़ी देर के बाद ठीक हो जा रहा है तो इसे हलके में न लें। यह हार्ट की बीमारी का पैटर्न है इसलिए तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
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सांस का फूलना: अगर ज़रा भी चलने पर सांस फूलने की समस्या हो रही है, चलते समय अगर आप बोल रहे हैं और सांस फूल रही है या फिर सीढ़ियां चढ़ने पर भी हांफने लगते हैं तो इसे चेतावनी की तरह माने। खासकर, यह ओल्ड ऐज और डायबिटीज वालों को यह समस्या ज़्यादा होती है।
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थक जाना: अगर आप बहुत जल्दी थक जा रहे हैं तो यह भी एक लक्षण हो सकता है। अगर रूटीन काम करते हुए भी आपको यह लगे कि बॉडी साथ नहीं दे रहा है तो हो सकता है कि आप दिल के मरीज बन गए हों इसलिए एक बार डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं
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दोनों हाथों में दर्द: अगर आपको दोनों हाथ में, गर्दन में, जबड़े में, कंधों के आसपास या फिर बैक साइड में रह कर दर्द होता है तो इसे सामान्य समझने की गलती न करें। यह भी हार्ट अटैक का एक साइलेंट संकेत हैं।
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कोल्ड स्वेटिंग: अगर आपको ठंड में भी पसीना आ रहा है तो यह भी एक लक्षण हो सकता है। भूक नहीं लग रहा, चक्कर आ रहा है आपको अक्सर उल्टी जैसा महसूस हो रहा है तो यह भी कमजोर हार्ट का सिंगल है
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नींद बार बार टूटना: अगर आपकी नींद बार बार टूट रही है या आपको जल्दी नींद नहीं आ रही है तो यह भी हार्ट अटैक के लक्षणों में से एक है। अगर आपको महीने में ऐसा कई बार हो रहा है तो आपको डॉक्टर से ज़रूर मिलना चाहिए।
किन लोगों को होता है ज़्यादा रिस्क?
जिन लोगों को बीपी बढ़ा है, जिन्हें डायबिटीज है, जिनका बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा है जो लोग स्मोकिंग करते हैं और जिनकी फॅमिली हिस्ट्री है। जो लोग चालीस के पार हैं लेकिन कोई फिजिकल एक्सरसाइज़ नहीं है तो ऐसे लोगों में हार्ट अटैक का रिस्क ज़्यादा होता है
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है)