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सर्दियों में तेजी से बढ़ जाता है पुरानी चोट का दर्द, एक्सपर्ट से जानें कैसे करें अपना बचाव?

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Nov 04, 2025 04:29 pm IST,  Updated : Nov 04, 2025 04:29 pm IST

सर्दियों में पुरानी हड्डियों का दर्द कोई नई बीमारी नहीं, बल्कि शरीर की प्राकृतिक प्रतिक्रिया है जो मौसम के बदलाव से जुड़ी होती है। ऐसे में डॉक्टर बता रहे हैं कैसे करें अपना बचाव?

हड्डियों को चोट से कैसे बचाएं- India TV Hindi
हड्डियों को चोट से कैसे बचाएं Image Source : FREEPIK

सर्दियों में पुरानी हड्डियों की चोटों का दर्द फिर से उभरकर आना एक बहुत आम समस्या है, खासकर उन लोगों में जिन्होंने पहले हड्डी टूटने, मोच आने या जोड़ों की सर्जरी जैसी स्थितियों का सामना किया हो। दिल्ली में स्थित ऑर्थोपेडिक्स एंड स्पाइन अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट डॉ. आशीष धवन बताते हैं कि जब तापमान गिरता है, तो शरीर की रक्त वाहिकाएँ सिकुड़ने लगती हैं, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है। इस वजह से पुराने चोट वाले हिस्से में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति कम हो जाती है, और वहाँ के टिश्यू यानी ऊतक ठंडे और सख्त महसूस होने लगते हैं। परिणामस्वरूप, उस जगह पर दर्द, अकड़न और सूजन की समस्या दोबारा महसूस हो सकती है।

दर्द के पीछे ये वजहें होती हैं ज़िम्मेदार:

जिन लोगों को पहले से गठिया, ऑस्टियोपोरोसिस या कोई पुराना फ्रैक्चर हुआ हो, उन्हें ठंड में दर्द ज्यादा महसूस होता है क्योंकि जोड़ों की नसें तापमान में बदलाव के प्रति संवेदनशील हो जाती हैं। इसके अलावा, कम शारीरिक गतिविधि और धूप की कमी से विटामिन D और कैल्शियम का स्तर भी घटने लगता है, जो हड्डियों की ताकत को प्रभावित करता है। यही वजह है कि सर्दियों में पुराने चोट वाले हिस्से अधिक दर्दनाक हो जाते हैं। इस दर्द का एक और कारण मांसपेशियों का संकुचन भी है। ठंड में शरीर अपने तापमान को बनाए रखने की कोशिश करता है, जिससे मांसपेशियाँ सिकुड़ जाती हैं। अगर चोट पुरानी है, तो उस हिस्से के आसपास की मांसपेशियाँ पहले से ही कमजोर होती हैं और ठंड में ज्यादा सख्त हो जाती हैं, जिससे दर्द बढ़ जाता है।

डाइट करें बेहतर:

खानपान में थोड़े बदलाव से दर्द को नियंत्रित किया जा सकता है। आहार में कैल्शियम, विटामिन D और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर चीजें जैसे दूध, दही, पनीर, बादाम, अखरोट, मछली, और धूप में बैठना बेहद फायदेमंद है। साथ ही, दर्द निवारक दवाओं या ऑयल मसाज का प्रयोग डॉक्टर की सलाह के बिना न करें, क्योंकि हर व्यक्ति की चोट और हड्डी की स्थिति अलग होती है।

क्या बरतें सावधानी?

  • सर्दियों में पुराने चोट या फ्रैक्चर से प्रभावित हिस्से को हमेशा गर्म रखना चाहिए। 

  • ठंडी हवा से बचाव के लिए गर्म कपड़े या वूलन बैंडेज का इस्तेमाल करें। 

  • नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग करें ताकि रक्त प्रवाह बना रहे और जोड़ों की गतिशीलता बनी रहे। 

  • बहुत देर तक एक ही स्थिति में बैठे या लेटे रहने से बचें, क्योंकि इससे जकड़न बढ़ती है। 

  • घरेलू उपायों में हल्की गर्म सिकाई बहुत फायदेमंद हो सकती है। इससे रक्त संचार बेहतर होता है और दर्द में राहत मिलती है। 

  • अगर दर्द लगातार बढ़ता जाए, सूजन आ जाए या चलने-फिरने में कठिनाई महसूस हो, तो जांच करवाना जरूरी है। 

  •  अगर हम इस समय अपने शरीर को गर्म रखें, नियमित रूप से चलें-फिरें और सही पोषण लें, तो इस परेशानी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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