ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क में कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि के कारण होने वाली एक गंभीर स्थिति है, जो समय पर पहचान और उपचार न होने पर जानलेवा भी साबित हो सकती है। पीएसआरआई अस्पताल में स्थित वरिष्ठ सलाहकार, न्यूरोलॉजी, डॉ. भार्गवी रामानुजम कहते हैं कि यह ट्यूमर कैंसरयुक्त (मेलिग्नेंट) या गैर-कैंसरयुक्त (बेनाइन) हो सकता है, लेकिन दोनों ही मामलों में यह मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। ट्यूमर का प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि वह मस्तिष्क के किस हिस्से में है और उसका आकार कितना है।
ब्रेन ट्यूमर के लक्षण:
ब्रेन ट्यूमर के लक्षण कई बार सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं जैसे ही प्रतीत होते हैं, लेकिन यदि वे लगातार बने रहें तो यह चिंता का विषय हो सकता है। सबसे आम लक्षणों में शामिल हैं— लगातार और बढ़ती हुई सिरदर्द जो अक्सर सुबह के समय ज्यादा होती है, अचानक चक्कर आना या संतुलन खो देना, बिना किसी स्पष्ट कारण के मतली और उल्टी होना, नजर कमजोर पड़ना या डबल विजन आना, बोलने में कठिनाई या शब्दों को समझने में समस्या, शरीर के किसी एक हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन महसूस होना, व्यवहार में असामान्य परिवर्तन या मिर्गी जैसे दौरे आना, खासकर अगर यह पहली बार हो रहा हो।
इन लक्षणों की उपेक्षा करना खतरनाक हो सकता है। यदि इनमें से कोई भी लक्षण लगातार दिखाई दे रहा हो, तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट या न्यूरोसर्जन से संपर्क करें। सही समय पर किए गए एमआरआई या सीटी स्कैन से ट्यूमर की पुष्टि और स्थिति का पता लगाया जा सकता है, जिससे इलाज की दिशा निर्धारित होती है।
रोकथाम के उपाय:
हालांकि ब्रेन ट्यूमर की 100% रोकथाम संभव नहीं है, लेकिन कुछ उपायों से खतरा कम किया जा सकता है। जैसे— मोबाइल और वायरलेस उपकरणों का अत्यधिक उपयोग सीमित करना, रसायनों या रेडिएशन से युक्त वातावरण से बचना, हेल्दी डाइट लेना जिसमें एंटीऑक्सीडेंट शामिल हों, और यदि परिवार में कैंसर या न्यूरोलॉजिकल बीमारी का इतिहास हो तो नियमित स्वास्थ्य जांच कराना।
ब्रेन ट्यूमर के इलाज में सर्जरी, कीमोथैरेपी, रेडिएशन और अन्य न्यूरोलॉजिकल थेरेपीज़ शामिल हो सकती हैं। उपचार की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि रोग कितनी जल्दी पहचान लिया गया है। इसलिए जरूरी है कि व्यक्ति अपने शरीर के संकेतों को गंभीरता से ले और समय पर उचित परामर्श ले।
यही कहा जा सकता है कि ब्रेन ट्यूमर से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है- जागरूकता, सतर्कता और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप। अपनी और अपने प्रियजनों की सेहत के प्रति सतर्क रहें, क्योंकि समय रहते की गई कार्रवाई ही जीवन बचा सकती है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।