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वीकेंड की ये आदतें बढ़ा रहा हैं कैंसर का खतरा, रिलेक्स के नाम पर पनप रही हैं ये बीमारियां, डॉक्टर ने किया अलर्ट

 Written By: Bharti Singh
 Published : Sep 01, 2026 08:12 am IST,  Updated : Sep 01, 2026 08:12 am IST

क्या आप भी वीकेंड पर इंजॉय के नाम पर शराब, सिगरेट और गुटखा का सेवन करते हैं। इससे एक पल के लिए भेल ही आप खुद को रिलेक्स महसूस करें, लेकिन ये नशा शरीर में कैंसर का खतरा पैदा करता है। डॉक्टर्स ने इसे लेकर युवाओं को अलर्ट किया है।

वीकेंड पार्टी- India TV Hindi
वीकेंड पार्टी Image Source : MAGNIFIC

शादी, पार्टी और वीकेंड पर लोग जमकर खुशियां मनाते हैं। दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताते हैं लेकिन इन समारोहों में लोग अक्सर इंजॉय के नाम पर ड्रिंक, सिगरेट और गुटखा का सेवन करते हैं। महानगरों में स्ट्रेसभरी लाइफ और अकेलेपन को दूर करने के लिए लोग शराब का सहारा लेते हैं। जिससे कुछ देर तो सबकुछ बहुत अच्छा लगता है लेकिन धीरे-धीरे शरीर में बीमारियां पनपने लगती हैं। शुरुआत में लोगों को इस खतरे का अंदाजा नहीं होता और शरीर में बीमारियां पनपती रहती हैं।

डॉक्टर अक्षत मलिक (सीनियर कंसल्टेंट हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी, अपोलो हॉस्पिटल, दिल्ली) ने बताया कि मुंह के कैंसर के सबसे बड़े कारणों में तंबाकू का सेवन करना है। गुटखा, खैनी, जर्दा और तंबाकू वाला पान जैसे स्मोकलैस टोबैको प्रोडक्ट मुंह की अंदरूनी परत और मसूड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं सिगरेट और बीड़ी का धुआं भी मुंह और सिर-गर्दन के कैंसर का खतरा बढ़ाता है।

वीकेंड की खतरनाक आदतें

कई लोग यह सोचकर इनका सेवन करते हैं कि वो रोजाना इनका उपयोग नहीं करते हैं, इसलिए जोखिम भी कम होगा। लेकिन तंबाकू का सेवन किसी भी रूप में स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता। खासकर जब कभी-कभार का सेवन धीरे-धीरे बार-बार होने लगे।

शराब और तंबाकू का मेल ज्यादा खतरनाक

शराब और तंबाकू को एक साथ लेना चिंताजनक है। शराब मुंह की सतह को प्रभावित कर सकती है और तंबाकू में मौजूद कैंसरकारी रसायनों के संपर्क को बढ़ा सकती है। इसलिए दोनों का एक साथ सेवन मुंह और गले के कैंसर के खतरे को काफी बढ़ देता है। युवाओं में ‘सोशल स्मोकिंग’ या दोस्तों के साथ कभी-कभार तंबाकू का सेवन अक्सर गंभीरता से नहीं लिया जाता। लेकिन किसी भी आदत की शुरुआत अक्सर इसी तरह होती है, जिसमें लोग कहते हैं कि मैं तो रोज नहीं करता।

शरीर के इन संकेतों को न करें नजरअंदाज 

मुंह का कैंसर शुरुआत में पकड़ा जाए तो इलाज के अच्छे नतीजे हो सकते हैं। इसलिए कुछ लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जैसे मुंह में ऐसा छाला जो दो सप्ताह से अधिक समय तक ठीक न हो, मुंह में सफेद या लाल रंग का पैच बनना, मुंह खोलने या चबाने में परेशानी, खाना खाते समय लगातार जलन या दर्द, जीभ या मुंह के किसी हिस्से में गांठ या मोटापन, निगलने में परेशानी, गर्दन में बिना दर्द वाली गांठ,आवाज में लंबे समय तक बदलाव, इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे तो खुद से इलाज करने के बजाय हेड एंड नेक या ओरल कैंसर विशेषज्ञ को दिखाएं।

परिवार की भूमिका है महत्वपूर्ण

तंबाकू की आदत को केवल व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर परिवार में कोई सदस्य हर पार्टी, शादी या खाने के बाद गुटखा या सिगरेट लेने लगा है, तो उसे शर्मिंदा करने के बजाय बातचीत की जरूरत है। कई बार व्यक्ति को यह एहसास ही नहीं होता कि उसकी सोशल हैबिट कब नियमित आदत में बदल गई है। परिवार का सहयोग उसे इस आदत से बाहर निकलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

जश्न भी हो लेकिन सेहत भी बनी रहे

वीकेंड को इंजॉय करने का सिर्फ यही तरीका नहीं है। आप वर्कआउट करें, साइकलिंग करें, स्विमिंग करें और कोई पसंदीदा एक्टिविटी करें। इससे दिमाग में हैप्पी हार्मोन भी बनेंगे और शरीर को फायदा ही फायदा मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताएं, त्योहारों पर मिठाई खाएं, डांस करें और फोटो खिंचवाएं। इससे आपका जश्न और यादें दोनों बेहतर होंगी।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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