वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन की मानें तो हर साल हाई कोलेस्ट्रॉल 44 लाख मौतों का कारण बनता है। जो कुल मौतों के आंकड़े का 78 प्रतिशत है। कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए जरूरी है। ये शरीर को हार्मोन, विटामिन डी और भोजन पचाने में मदद करने वाले पदार्थों के निर्माण करने में मदद करता है। लेकिन जब खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगे तो ये खून में प्लाक बनाने लगता है। जिससे हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। खराब कोलेस्ट्रॉल को एलडीएल या लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन के रूप में भी जाना जाता है। ये खतरनाक स्थिति को पैदा कर सकता है।
इंस्टाग्राम पर लंदन के डॉक्टर सेर्मेड ने एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें वो बता रहे हैं कि कुछ लोग हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए तुरंत डाइटिंग करने लगते हैं। लेकिन क्रैश डाइट लेना कोलेस्ट्रॉल को कम करने की बजाय शरीर को विपरीत प्रतिक्रिया देने पर मजबूर कर सकता है। इसलिए एकदम से नहीं बल्कि धीरे-धीरे कोलेस्ट्रॉल को घटाने वाली चीजों का सेवन शुरू करें।
कोलेस्ट्रॉल घटाने के लिए डाइटिंग
क्योंकि जब आपका शरीर भूखा होता है तो लिवर ज्यादा मात्रा में कोलेस्ट्रॉल का उत्पादन करने लग सकता है, जिससे डाइटिंग के वक्त सेल मेमरेन इंटीग्रिटी और हार्मोन संतुलन बना रहे। इसके अलावा डाइटिंग को आप लंबे समय तक फॉलो नहीं कर पाते हैं, क्योंकि इनसे आपकी बेसल मेटाबॉलिक दर कम हो सकती है और 'रीबाउंड' प्रभाव हो सकता है जिससे आपका लिपिड प्रोफाइल पहले से भी बदतर हो जाता है।
हाई कोलेस्ट्रॉल को कैसे कम करें
ट्रांस फैट का सेवन कम करें- खाने में ट्रांस फैट मार्जरीन, तले हुए खाद्य पदार्थ, बिस्कुट, केक और पेस्ट्री को बिल्कुल आउट कर दें। इनमें हाइड्रोजनीकृत या आंशिक रूप से हाइड्रोजनीकृत वनस्पति तेलों का इस्तेमाल किया जाता है। जो शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) को कम करते हैं।
मछली या ओमेगा-3 सप्लीमेंट लें- कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए फैटी फिश का सेवन करें। ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर सप्लीमेंट्स लें। इससे एचडीएल में सुधार होगा और ट्राइग्लिसराइड्स नियंत्रित रहेंगे।
फाइबर ज्यादा खाएं- डाइट में फाइबर से भरपूर चीजों को ज्यादा से ज्यादा शामिल करें। हर रोज आपको 30 ग्राम फाइबर का सेवन करना ही चाहिए। इससे आंत में कोलेस्ट्रॉल युक्त पित्त अम्लों से बंध जाता है, जिससे वे अवशोषित होने के बजाय शरीर से बाहर निकल जाते हैं।