खाना खाने के बाद लोग सोफे पर लेट जाते हैं या ऑफिस की कुर्सी पर बैठकर आराम करते हैं। लेकिन अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो ऐसा करना आपके ब्लड शुगर को बढ़ा सकता है। हैदराबाद के अपोलो हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट सुधीर कुमार कहते हैं, खाना खाने के बाद लंबे समय तक बैठे रहना या लेटना मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए सही नहीं है। डॉक्टर सुधीर कुमार ने 8 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि खाना खाने के बाद महज 10 मिनट की वॉक भी ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद कर सकती है। खाने के बाद थोड़ी देर टहलने से शरीर ग्लूकोज का बेहतर इस्तेमाल कर पाता है, जिससे भोजन के बाद ब्लड शुगर में होने वाली बढ़ोतरी को कम करने में मदद मिल सकती है।
डायबिटीज के मरीजों का खाने के बाद वॉक क्यों है ज़रूरी
अगर आपको डायबिटीज़ है, तो खाना खाने के बाद बस 10-15 मिनट की वॉक से खाने के बाद ब्लड ग्लूकोज़ में होने वाली बढ़ोतरी को कम किया जा सकता है। समय के साथ, ग्लूकोज़ के स्तर में होने वाली इन अचानक बढ़ोतरी को नियमित रूप से कम करने से ग्लूकोज़ पर बेहतर नियंत्रण मिल सकता है।
वॉक कैसे करता है काम?
सिकुड़ती हुई मांसपेशियां ब्लडस्ट्रीम से ग्लूकोज़ लेती हैं, जो कुछ हद तक इंसुलिन से स्वतंत्र होता है। इससे खाने के बाद ग्लूकोज़ में होने वाली बढ़ोतरी कम हो सकती है और समय के साथ इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार हो सकता है।
डायबिटीज नहीं है तब भी करें वॉक
यह सलाह सिर्फ़ उन लोगों के लिए नहीं है जिन्हें डायबिटीज़ है। अगर आपको डायबिटीज़ नहीं है तो भी फायदा हो सकता है। खाना खाने के बाद, तुरंत बैठने या लेटने के बजाय 10 मिनट तक टहलें। या अगर टहलना मुमकिन न हो तो खड़े रहें थोड़ा चलें-फिरें। ऑफिस में भी, लंबे समय तक बैठे रहने के बजाय कुछ मिनट चलना-फिरना बेहतर है।
एरोबिक एक्टिविटी का लक्ष्य हो सकता है पूरा
डॉ कुमार ने इस हिसाब-किताब को एक बोनस बताया उनके अनुसार अगर आप नाश्ते के बाद 10 मिनट वॉक, लंच के बाद भी 10 मिनट वॉक और डिनर के बाद भी 10 मिनट वल्क कर रहे हैं तो रोज़ाना लगभग आप 30 मिनट की वॉक कर रहे हैं। यानी हफ़्ते में लगभग 210 मिनट जो वयस्कों के लिए सुझाई गई कम से कम एरोबिक एक्टिविटी के लक्ष्य को पूरा करता है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है)