1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. मणिपुर जेल में हिंसक झड़प, 2 सऊदी कैदियों समेत 3 की मौत

मणिपुर जेल में हिंसक झड़प, 2 सऊदी कैदियों समेत 3 की मौत

 Written By: India TV News Desk
 Published : Jul 30, 2016 03:59 pm IST,  Updated : Jul 30, 2016 03:59 pm IST

इंफाल: मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले की सजिवा केंद्रीय जेल में शुक्रवार देर रात हुई हिंसा में तीन विचाराधीन कैदियों की मौत हो गई, जिनमें दो सऊदी नागरिक थे।

manipur jail- India TV Hindi
manipur jail

इंफाल: मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले की सजिवा केंद्रीय जेल में शुक्रवार देर रात हुई हिंसा में तीन विचाराधीन कैदियों की मौत हो गई, जिनमें दो सऊदी नागरिक थे। उच्चस्तरीय सूत्रों के अनुसार, घटना के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मणिपुर सरकार से एक रिपोर्ट मांगी है। सऊदी अरब की सरकार अपने दो नागरिकों की मौत के संबंध में जानकारी मांग रही है।

यह घटना शुक्रवार रात करीब एक बजे हुई। सूत्रों के अनुसार, सऊदी नागरिक की पहचान सुशाक अहमद और अब्दुल सलाम के रूप में हुई है, जिनकी उम्र 40 से 50 साल के बीच है। दोनों ने कथित रूप से आधी रात के बाद एक स्थानीय कैदी जोउ थांगमिलेन की हत्या कर दी। जोउ मणिपुर के चुराचंदपुर जिले के रहने वाला था।

सूत्रों के अनुसार जोउ की खोपड़ी तेज धार और कुंद हथियार से बुरी तरह से चूर-चूर की गई थी। यह अभी तक पता नहीं चल पाया है कि हत्यारे हथियारों को जेल के अंदर छुपा कर ले जाने में कैसे सफल हुए। सूत्रों के मुताबिक, जोउ की हत्या की जानकारी मिलने के बाद अन्य कैदियों ने दोनों विदेशियों की पीट-पीट कर हत्या कर दी।

उन्होंने कहा कि हालांकि जेल में करीब एक घंटे से अधिक तक अशांति बनी रही, लेकिन जेल के कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। दोनों सऊदी नागरिकों को पुलिस ने साल 2013 में बिना वैध दस्तावेज के मणिपुर में प्रवेश करने पर सीमावर्ती शहर मोरेह में गिरफ्तार किया था। ये दोनों न्यायिक हिरासत में थे और मुकदमा का सामना कर रहे थे।

जोउ को साल 2010 में हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। तीनों शव अंत्यपरीक्षण के लिए जे.एन. चिकित्सा विज्ञान अस्पताल संस्थान भेज दिए गए। जोउ का शव उसके परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा, जबकि दोनों सऊदी नागरिकों के शवों के लिए भारत सऊदी अरब के संपर्क में है।

इस संबंध में हेइनगांग पुलिस थाना ने एक मामला दर्ज किया है। हालांकि मणिपुर में पहले भी कैदियों के गुटों के बीच झड़प और यहां तक कि जेल प्राधिकारियों के खिलाफ विद्रोह भी हुए हैं, जिनमें जेल महानीरीक्षक समेत कई लोग घायल हुए। लेकिन यह पहली बार है जब कैदियों की हत्या हुई है। मणिपुर के गृह मंत्री गइखंगम ने शनिवार की घटना पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। केंद्रीय जेल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, ताकि आगे कोई हिंसक घटना नहीं हो।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत