नई दिल्ली: दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर गुरुवार को भी खतरनाक रहा। सुबह पूरी दिल्ली स्मॉग में ढंकी थी। दिल्ली में प्रदूषण अब आम बात हो गई है...लेकिन इसके जो आफ्टर इफैक्ट हैं....वो बेहद डराने वाले हैं। अब तक मेडिकल साइंस में ये माना जाता है कि डायबीटीज की बड़ी बजह हेरिडिट्री है, खाने-पीने में गड़बड़ी और लाइफ स्टाइल में लापरवाही डायबिटीज का खतरा ज्यादा हो जाता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि पॉल्यूशन के कारण भी डायबिटीज होती है। जहरीली हवा खासतौर पर छोटे छोटे बच्चों को डायबिटिक बना रही है।
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अमेरिका के सेंट लुई में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन में हुई रीसर्च में ये खुलासा हुआ है। वैज्ञानिकों ने साढ़े आठ साल तक ऐसे वार वेटरन्स पर रीसर्च की जिनकी फैमली हिस्ट्री में डायबीटीज नहीं था। इन लोगों पर PM 2.5 पार्टिकल्स के असर की स्टडी की गयी। इसमें कई केसेज ऐसे मिले जिन्हें पॉल्यूशन की वजह से डायबीटीज हुआ था। इस स्टडी से पता चला है कि 2016 में दुनिया भर में जितने नए डायबीटीज के केसेज़ सामने आए थे उनमें से 32 लाख लोग सिर्फ पॉल्यूशन की वजह से डायबीटीज के शिकार हुए। ये आंकड़ा डायबीटीज के कुल नए केसेज़ का 14 परसेंट था।
इस स्टडी में पता चला कि हवा में पॉल्यूशन के कारण जहरीले पार्लिकिल्स पेनक्रियाज में पहुंचते हैं। पेनक्रियाज के फक्शन को डिसरप्ट करते हैं। शरीर में इंसुलीन के प्रोडक्शन पर इसका असर होता है और फिर इंसान डायबीटीज का शिकार हो जाता है। भारत के लिए ये इसलिए भी चिंता की बात है क्योंकि डब्लू एचओ ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उसके मुताबिक दुनिया भर के सबसे पॉल्यूटेड शहरों में चौदह शहर भारत में हैं।
इस रिपोर्ट को पढ़ने के बाद मैंने अपने रिपोर्टर्स को अलग अलग शहरों में भेजा, अलग अलग डॉक्टर्स से, एक्सपर्ट्स से बात की, उनलोंगों ने बताया कि अगर आप हेल्दी लाइफ स्टाइल जीते हैं और किसी ऐसे शहर में रहते हैं जहां पॉल्यूशन काफी है तो आपको डायबीटीज हो सकता है। डॉक्टर्स ने बताया कि पॉल्यूशन के कारण बच्चों में डायबिटीज का खतरा ज्यादा है। उनके पास बडी संख्या में डायबिटीज के शिकार बच्चे आ रहे हैं।