नई दिल्ली: कृष्णा घाटी में पाकिस्तानी सेना के बेवजह हमले में शहीद हुए नायब सुबेदार परमजीत सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंच गया है। पार्थिव शरीर को सेना के हेलिकॉप्टर से लाया गया। शहीद परमजीत की पत्नी ने कहा कि जबतक पूरा शरीर नहीं मिलेगा, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। हालांकि शहीद की पत्नी ने कहा कि उन्हें अपने पति पर गर्व है और वह बेटे को भी सेना में भेंजेंगी। (भारत ने पाकिस्तान की बर्बरता का लिया बदला, 7 पाक सैनिक मारे)
परिजनों ने कहा कि भारत सरकार पाकिस्तान के इस कदम का मुंहतोड़ जवाब दे। भारत को भी पाकिस्तानी सैनिकों के सिर काटकर लाने चाहिए। शहीद के भाई रणजीत सिंह ने कहा कि वह अमर रहें। अगर उनके भाई का एक भी अंग गायब हुआ, तो हम सरकार से इसका हिसाब मांगेंगे। उधर, जैसे ही शहीद का पार्थिव शहीद गांव पहुंचा उनके अंतिम दर्शनों के लिए सैकडों लोग उमड़ पड़े।
बता दें कि सोमवार को पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़ा था और अचानक मोर्टार दागने शुरू कर दिए थे। बिना उकसाए हुए इस हमले में तरनतारन के परमजीत सिंह शहीद हो गए। साथ ही बीएसएफ में हेड कॉन्स्टेबल बलिया के प्रेम सागर भी शहीद हो गए। पाकिस्तानी सेना ने शहीदों के साथ बर्बरता की और शव को क्षत-विक्षत कर डाला। इसके बाद पूरे देश में रोष व्याप्त है। मंगलवार को शहीद परमजीत का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया गया।
शहीद परमजीत सिंह के एक बेटा और दो बेटियों हैं। साल 1995 में देश की सेवा की खातिर सेना में भर्ती हुए थे। इस हमले के बाद पाक की बॉर्डर एक्शन टीम यानी BAT ने जवानों के शव के साथ बर्बरता भी की। जानकारी के मुताबिक बैट की टीम एलओसी से 250 मीटर अंदर आकर इस कायराना हरकत को अंजाम दिया।