1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. दुश्मनों के छक्के छुड़ाने भारत आ रहा है अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर....

दुश्मनों के छक्के छुड़ाने भारत आ रहा है अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर....

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Aug 19, 2017 11:33 am IST,  Updated : Aug 19, 2017 11:33 am IST

अपाचे को अमेरिकी सेना के एडवांस्‍ड अटैक हेलीकॉप्‍टर प्रोग्राम के लिए डेवलप किया गया था। उस समय अमेरिकी सेना एएच-1 कोबरा हेलीकॉप्‍टर को प्रयोग करती थी। अपाचे ने पहली उड़ान 30 सितंबर 1975 को भरी थी। अपाचे को 1981 तक एएच-64 नाम से जाना जाता था। इसे 1981

Apache-Attack-Helicopter
Apache-Attack-Helicopter

अमेरिकी सेना ने पहले इराक के खिलाफ ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म और बाद में कुवैत पर हमले के लिए अपाचे हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया था। ये हेलिकॉप्टर रेगिस्तान और अर्ध-रेगिस्तानी इलाकों में टैंक और पैदल सेना के लड़ाकू वाहनों की मदद से होने वाले ऑपरेशंस की मारक क्षमता को और बढ़ा देते हैं। ऐसी जमीनी लड़ाइयों की स्थिति में भारतीय टैंकों के आगे बढ़ने से पहले अपाचे की मदद से बड़े पैमाने पर दुश्मनों के टैंकों को नुकसान पहुंचाया जा सकता है।

अपनी तेज गतिशीलता की वजह से अपाचे दुश्मनों के टैंकों पर ऊंचाई से हमला कर सकते हैं। अपाचे अपनी फेमस हेलफायर मिसाइलों की मदद से शत्रु टैंकों की रेंज के बाहर से भी हमला करने में सक्षम है। हेलफायर मिसाइल का पेलोड इतने उच्च विस्फोटक से युक्त होता है कि शत्रु के बड़े से बड़े टैंक को नष्ट कर सकता है। इस मामले के एक विशेषज्ञ ने बताया कि टैंकों की टैंक से लड़ाई की तुलना में अपाचे हेलिकॉप्टर दुश्मनों के टैंकों को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है।

अपाचे में फिट सेंसर की मदद से यह अपने दुश्‍मनों को आसानी से तलाश कर उन्‍हें खत्‍म कर सकता है। साथ ही इसमें नाइट विजन सिस्‍टम भी इंस्‍टॉल हैं। इसमें 30 मिलिमीटर की एक एम230 चेन गन को मेन लैंडिंग गियर के बीच इंस्‍टॉल किया गया है और यह हेलीकॉप्‍टर की स्‍ट्राइकिंग कैपेसिटी को दोगुना करती है। अपाचे हेलीकॉप्टर में एजीएम-114 हेलीफायर मिसाइल लगे हैं, तो हाइड्रा 70 रॉकेट पॉड्स भी लगे हैं। अमेरिका ने इन हेलीकॉप्टरों का इराक और अफगानिस्तान में सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया है।

ये हेलीकॉप्टर 293 किमी प्रतिघंटे की हिसाब से उड़ सकता है। अपाचे की पूरी लंबाई 18 मीटर है, जिसमें दो पंख लगे हैं। अपाचे हेलीकॉप्टर में टर्बोसाफ्ट इंजन लगे हैं। इसका वजन 5,165 किलो है। जिसमें 2 सीटें हैं। अपाचे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह वॉर जोन में लड़ाई के समय जरा भी फेल न हो। अपाचे दुनिया के उन चुनिंदा हेलीकॉप्‍टर में शामिल है जो किसी भी मौसम या किसी भी स्थिति में दुश्‍मन पर हमला कर सकता है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत